गांव-गांव तक रंगमंच की गतिविधियां पहुंचाने में जुटे बाल कलाकार

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सुरभि न्यूज़ कुल्लू। गाँव-गाँव तक रंगमंच की गतिविधियाँ पहुँचाने और ग्रास रूट लेवल तक थिएटर को जोड़ने के उदेष्य से बहिरंग थिएटर ग्रुप कुल्लू की आरती ठाकुर द्वारा कुल्लू स्थित पिरड़ी गाँव में बच्चों के साथ नाट्य कार्यषाला का आयोजित कर रही हैं। सचिव आरती ठाकुर बहिरंग थिएटर ग्रुप कुल्लू ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यषाला में पिरड़ी और आसपास के गाँव के अकांक्षा, रागिनी, कुनाल, दुर्गा, भावना, चंद्रेश्वरी, गीतांजली, वैशाली, संजना, हनिका, गुन्जन, भारती और इशान आदि 15 बच्चे भाग ले रहे हैं और अभिनय की बारीकियां सीख रहे हैं।

बहिरंग थिएटर ग्रुप के बेनर तले चल रही इस कार्यषाला की निर्देशिका आरती ठाकुर ने कहा कि इस कार्यशाला में कुल्लू के निरमण्ड क्षेत्र के दुर्गर्म गांव दरमोट संबन्ध रखने वाले स्वतन्त्रता सेनानी यामानन्द पर आधारित एक नाटक भी तैयार किया जाएगा। 1901 में पैदा हुए यामानन्द ने रामपुर से मिडल की पढ़ाई की और वन रक्षक के रूप में भर्ती हो गए। जब उनके महकमें के अंग्रेज़ डी एफ ओ ने उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया तो स्वाभिमानी यामानन्द ने अपनी बैल्ट उतार कर उसके हाथ में दे दी। उसके बाद वे स्वतन्त्रता संग्राम में कूद पड़े। आरती ठाकुर लगभग 12 वर्षों से रंगमंच में सक्रिय हैं और राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय दिल्ली की दो कार्यशालाओं में प्रशिक्षण हासिल करने के बाद रंगकर्मी केहर सिंह ठाकुर बतौर शिष्या नाट्य विधा की बारीकियां सीखी और भारत के विभिन्न शहरों में आयोजित नाट्य महोत्सवों में बतौर अभिनेत्री हिस्सा लिया।

 

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