गरीब परिवार की बेटियों का सहारा बनी मुख्यमंत्री शगुन योजना

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सुरभि न्यूज़ आनी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अगुआई में प्रदेश सरकार बीते साढ़े तीन वर्षों में कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए वचनबद्ध है। विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशनअसाध्य रोगों से जूझ रहे पीड़ितों के लिए सहारा योजनाबेटी है अनमोल योजनामुख्यमंत्री आवास योजनामुख्यमंत्री कन्यादान योजना सहित दर्जनों ऐसी योजनाएं हैं जो सरकार की कमजोर तबकों के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता दर्शाती है। इसी कड़ी में वर्तमान प्रदेश सरकार ने अप्रैल 2021 में शगुन योजना शुरु की थी जो कि गरीब परिवारों की बेटियों के लिए मददगार साबित हो रही है। कुल्लू जिला में महज 8 माह में 65 बेटियों की शादी के लिए इस योजना के तहत सरकार ने सहायता राशि जारी की है। इस योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 31-31 हजार रुपए की राशि प्रदान की गई है। आनी खंड में 13, बंजार में 10, कटराईं में 16, कुल्लू में 11, नित्थर में 15 बेटियों को इस योजना के तहत लाभ प्रदान किया गया। इस योजना के तहत सरकार विवाह के लिए 31 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान करती है। ये योजना 1 अप्रैल 2021 से शुरु की गई है। नियमों के तहत पात्र लाभार्थी शादी के तय दिन से दो माह पहले आवेदन कर सकता है। शादी के छह माह बाद तक योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन किया जा सकता है। आवेदन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में तैनात संबंधित सीडीपीओ कार्यालय (बाल विकास एवं परियोजना अधिकारी) में किया जा सकता है। शादी के छह माह बीत जाने के बाद योजना का लाभ सरकार नहीं देगी। योजना बीपीएल परिवार से संबंध रखने वाले परिवारों के लिए है। लड़की की आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए और वह हिमाचल प्रदेश की स्थायी निवासी होनी चाहिए। यदि लड़की का विवाह ऐसे लड़के से होता है जो कि हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी नहीं है वह भी विवाह अनुदान हेतु पात्र होगी। इस योजना के लिए लड़की के माता-पिताअभिभावक या लड़की स्वयं भी आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित प्रपत्र (फॉर्म) पर बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ)प्रभारी नारी सेवा सदन/अधीक्षक के पास पात्र लाभार्थी आवेदन कर सकते हैं। तमाम कागजी औपचारिकताएं पूर्ण करने के पश्चात सरकार की तरफ से शगुन योजना में सहायता राशि प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए लोग नजदीकी सीडीपीओ कार्यालय में भी सम्पर्क कर सकते हैं।

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