निःशुल्क नाट्य कार्यशाला में स्कूली छात्रों द्वारा नाटकों का मंचन रहा सराहनीय प्रयास

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सुरभि न्यूज़ कुल्लू। ऐक्टिव मोनाल कल्चरल ऐसोसिएशन कुल्लू के रंगकर्मियों द्वारा कुल्लू के विभिन्न सरकारी स्कूलों में आयोजित की गई निःशुल्क नाट्य कार्यशालाओं से पनपे नाटकों के दो दिवसीय ‘बाल नाट्योत्सव’ का समापन रंगकर्मी मीनाक्षी द्वारा निर्देशित नाटक ‘गीदड़ भए विद्वान’ के भव्य मंचन से हुआ। नाट्योत्सव के दूसरे दिन पहला नाटक युवा रंगकर्मी देस राज द्वारा निर्देशित ‘कबरी बिल्ली’ के मंचन से हुआ। यह नाटक भगवतीचरण वर्मा द्वारा लिखित कहानी ‘प्रायश्चित’ से विकसित किया गया था जो हमारे समाज में धर्म के नाम पर फैले अन्धविष्वास पर ढोंगी ब्राहम्णों द्वारा अपने स्वार्थ सिद्वि के आचरण को दिखाता है।

यह नाटक राजकीय उच्च विद्यालय बदाह के छात्रों द्वारा प्रस्तुत किया गया। दूसरा नाटक ‘हिरण्यकष्यप मर्डर केस’ राजकीय प्राथमिक पाठशाला कोलीबेहड़ के छात्रों द्वारा जीवनान्द के निर्देशन में प्रस्तुत किया गया। इस नाटक में भगवान विश्णु पर धरती की अदालत में हिरण्यकष्यप के मर्डर के लिए केस चलता है। तीसरा नाटक राजकीय माध्यमिक पाठषाला गांधीनगर के बच्चों द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस नाटक में एक गीदड़ एक शक्तिशाली मंत्र सीखकर अपने जंगल के जानवरों को इक्ट्ठा करके मानवों पर हमला करने चल पड़ते हैं लेकिन जिस राजपुरोहित से छुपकर उस गीदड़ ने वह शक्तिशाली मंत्र सीखा था वह ही पुरोहित उसे जाल में फंसा कर उसकी सारी योजना पर पानी फेर देता है।

नाटक कबरी बिल्ली में अक्षित, अजय, सानिध्य, रूपाली, डिम्पल, देवांशु, सतीश, अमित, अमन और दूसरे नाटक हिरण्यकष्यप मर्डर केस में लावण्या, गौरव, दीवांश, भुपेन्द्र, किरण, नवीना, कृतिका, मनीश, नैतिक व राकेश ने जबकि नाटक गीदड़ भये विद्वान में दृश्टि, स्मृति, मानसी, परी, रितिका, डिम्पल, नीलम भारती, आशी, तिनेश्वरी, धीरज, किरण, सृर्जना, रिदिमा, बबली, गौरव, राधिका, साक्षी, सोनिया, पूनम, सेजल, नन्दिनी व लक्ष्मी आदि बच्चों ने अपनी अपनी भूमिकाओं से दर्शकों का दिल जीता लिया। इन सब  प्रस्तुतियों के बाद हिमाचल की प्रसिद्व फिल्म मेकर देवकन्या ठाकुर ने प्रतिभागी बच्चों व दर्शकों से अपने विचार सांझा किए।

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