लिबरल थिएटर पांगी चम्बा के कलाकार देस राज शर्मा ने एकल अभिनय के माध्यम से बर्फ पिघलेगी का किया मार्मिक प्रस्तुतिकरण

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सुरभि न्यूज़

कुल्लू

ऐक्टिव मोनाल कल्चरल ऐसोसिएशन कुल्लू द्वारा भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश एवं हिमाचल कला भाषा एवं संस्कृति अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में कलाकेन्द्र कुल्लू में आयोजित किए जा रहे 13 दिवसीय ‘हिमाचल नाट्य महोत्सव’ के पांचवें दिन लिबरल थिएटर पांगी चम्बा के कलाकार देस राज शर्मा ने एकल अभिनय के माध्यम से केहर सिंह ठाकुर के निर्देशन में अख़्तर आज़ाद द्वारा लिखित कहानी ‘बर्फ पिघलेगी’ का मार्मिक प्रस्तुतिकरण किया। कहानी स्पिति घाटी के एक पढ़े लिखे युवक लोबजंग ज्ञाचो जिसकी पढ़ाई दिल्ली और चण्डीगढ़ में हुई जो अपने परिवार में तीसरी संतान है के अपने पुष्तेनी जायदाद को पाने के संघर्श की है। क्योंकि स्पिति घाटी के जनजातीय कानून के हिसाब से पहले बेटे को सब प्रौपर्टी दी जाती है और दूसरे को लामा बनना होता है और तीसरे और उसके बाद के बच्चों को कुछ नहीं मिलता। उन लोगों को छोटे परिवार के लोग कहा जाता

है। हालांकि सरकार की तरफ से उन्हें नौतोड़ ज़मीन मिलती है। तो लोबज़ंग ज्ञाचो छोटे परिवार के लोगों को इक्ट्ठे करके एक संस्था बनाता है और सबको हक मिले पुष्तैनी संपति का उसके लिए मुहिम छेड़ता है। उसे ज़्यादा तब लगती है जब उसे प्यार करने वाली एक लड़की तेंज़िन डोलकर उसकी शादी के पहले दिन ज्ञाचो के ही दोस्त के साथ भाग कर शादी कर लेती है वो इसलिए कि वह परिवार में बड़ा बेटा था। तो ज्ञाचो के नेतृत्व में छोटे परिवार के लोग तय करते हैं कि कालचक्र के दिन दलाईलामा को एक पत्र देंगे जिसमें हमारे हक की मांग की जाएगी। लेकिन बड़े परिवार के लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाई जाती है कि दलाईलामा को मारने के लिए चीनी आतंकवादी घुस आया है। कालचक्र में कड़े पहरे के बीच सुरक्षा बलों ने नाके लगा दिए थे। ज्ञाचो पत्र लेकर दलाईलामा के पास पहुंचना चाह रहा था। परन्तु सुरक्षा बलों ने उसे रोका वह नहीं रूका तो उसे गोली मार दी गई। बाद में पता चला कि चीनी आतंकवादी के रूप में उसकी शिनाख्त करने वाला ज्ञाचो का अपना ही बड़ा भाई था। इस प्रस्तुति में प्रकाश व्यवस्था मीनाक्षी की रही।

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