कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हिमाचल कैबिनेट का बड़ा फैसला, 23 मार्च से मेलों के आयोजन और लंगर लगाने पर रोक, 190 पदों को भरने की मंजूरी

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सुरभि न्यूज़, कुल्लू।

हिमाचल प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने शुक्रवार को बैठक में फिर से कई बंदिशें लगाने का फैसला लिया है। प्रदेश में 23 मार्च से मेलों के आयोजनों पर रोक लग जाएगी। अभी जो मेले चल रहे हैं, वे तीन दिन में निपटाने होंगे। सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रमों और सार्वजनिक लंगरों पर भी रोक लगा दी गई है। निजी कार्यक्रमों में 200 से ज्यादा लोग शिरकत नहीं करेंगे या इंडोर कार्यक्रमों में क्षमता के 50 प्रतिशत लोग ही आ सकेंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में विधानसभा परिसर में हुई कैबिनेट बैठक में नो मास्क नो सर्विस के आदेश जारी किए गए हैं। मास्क न पहनने वालों पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। इसके अलावा लोगों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने का भी फैसला लिया गया। बैठक में वन रक्षक के 190 पद भरने की मंजूरी के अलावा कुछ पुलिस पोस्ट को पुलिस चौकी और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को अपग्रेड करने का फैसला लिया गया। विधायकों को गाड़ियों पर झंडी लगाने के लिए विधानसभा में पेश किए जाने वाले बिल पर कैबिनेट बैठक में सहमति नहीं बनी।

पांच दिन में दोगुना बढ़े मामले
कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सचिव अमिताभ अवस्थी ने करीब एक घंटे तक कोरोना की वास्तविक स्थिति पर प्रस्तुति दी। प्रदेश में अब तक कोरोना के 60,389 मामले सामने आ चुके हैं। 1003 लोगों की महामारी से मौत हो चुकी है। प्रदेश में 1 लाख 60 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य सचिव ने कैबिनेट बैठक में कोरोना पर काबू पाने के लिए बंदिशें लगाने की सिफारिश की। 15 मार्च तक प्रदेश में कोरोना के 757 एक्टिव मामले थे, वहीं अब यह आंकड़ा करीब 12 सौ तक पहुंच गया है। अब हर दिन औसतन दो मौतें होने लगी हैं।