सैंज में अवैज्ञानिक तरीके से की गई ड्रेजिंग के प्रति सैंज विकास समिति ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन

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सुरभि न्यूज़
निखिल कौशल, सैंज

सैंज विकास समिति और व्यापार मंडल सैंज ने संयुक्त रूप से नायब तहसीलदार सैंज के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। जिसमें उन्होंने सैंज नदी में अवैज्ञानिक तरीके से हुई ड्रेजिंग कार्य की छनबीन करने बारे और बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्या का प्रशासन द्वारा हल न करने के बारे में लिखा गया है। वही बीते दिनों ड्रेजिंग कार्य के दौरान नदी में बनाई झील में डूबने से हुए छात्र के मौत की जांच की भी गुहार लगाई है।

सैंज वैली विकास समिति के अध्यक्ष बुधराम ने बताया कि किसी अनहोनी से बचाव के लिए ड्रेजिंग कार्य में मनमानी तथा इसकी आड़ में अवैध खनन को रोकने को लेकर समिति ने पूर्व में कई बार प्रशासन से गुहार लगाई गई। लेकिन किसी भी बात पर गौर नहीं किया गया। अंततः युवक की मौत का हादसा सामने आ गया।

उन्होंने प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह से आग्रह किया है । उनकी मांगों पर गौर की जाए और बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्या को शीघ्र हल किया जाए। उन्होंने कहा कि ड्रेजिग मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा कितने भूवैज्ञानिकों की सलाह ली गई। क्योकि ड्रेजिग कार्य से नदी के किनारे लगाए गए बड़े बड़े मलवे के ढेर आने बाली बरसात में बड़े हादसे व तवाही का कारण बन सकते है। जिस तरह बीते वर्ष पूरा सैंज बाजार उजड़ गया था। सतेश, सिउड, विहाली, तरेढा, खराटला सहित अन्य अनेक गांव में तबाही का मंजर देखने को मिला था। बकशाहल गांव में टापू में फसे चार घरों के लोगों ने भागकर जान बचाई थी। सड़क बह जाने से इस गांव के लोग बुरी तरह प्रभावित है और आज भी ये सभी गांव बाढ़ के खतरे में है।

उन्होंने कहा कि सैंज नदी के किनारे और गांवों की सुरक्षा को लेकर कोई भी कार्य नहीं हुए है। बाढ़ से तवाही के बाद एक साल पूरा होने बाला है लेकिन एनएचपीसी द्वारा जारी की गई करीब 4 करोड़ घन राशि से सुरक्षा दीवारों का कार्य अभी तक शुरू नहीं किया गया है। जिसकी 93 लाख की पहली किस्त जल शक्ति विभाग के पास पड़ी हुई है। इस राशि से खतरे बाले गावों की सुरक्षा कार्यों को जल्द शुरू करने के आदेश जारी किए जाए।

सैंज बाढ़ प्रभावित परिवारों को आपदा के करीब बर्ष बीत जाने के बाबजूद आपदा राहत राशि नहीं दी गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उक्त मांगों के प्रति उन्होंने कई मर्तबा प्रशासन को लिखित तौर पर दिया और प्रशासन ने यहां का दौरा कर निरीक्षण भी किया लेकिन कार्रवाई के तौर पर कोई भी उचित कदम नहीं उठाया। जिस कारण समस्या जस की तस हैं ।

सैंज वैली विकास समिति ने मुख्यमंत्री से आग्रह है कि राजस्व विभाग के उच्च अधिकारियों को उचित दिशा निर्देश जारी करें और बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं और सैंज नदी की ड्रेसिंग कार्य को शीघ्र पूर्ण किया जाए ताकि आने वाली बरसात में नदी से किसी प्रकार का खतरा न हो।

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