सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू
चामुंडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एवं नर्सिंग कॉलेज मौहल की 40 छात्राओं ने आज साम्फिया के आश बाल विकास केंद्र का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस अवसर पर, छात्राओं को ऑटिज्म एवं अन्य दिव्यांगताओं से संबंधित सेवाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान, साम्फिया के निदेशक डॉ. भारद्वाज एवं ऑक्आयूपेशनल थैरेपिस्ट आर्य एम नें छात्राओं को ऑटिज्म के बारे में जागरूक किया और अपने समुदाय में इस विषय पर अधिक जानकारी फैलाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने समाज में ऑटिज्म से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और इस क्षेत्र में बेहतर सेवाएं प्रदान करने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला।
साम्फिया के कार्यक्रम प्रबंधक बीजू हिमदल ने छात्राओं को आश केंद्र में उपलब्ध विभिन्न सेवाओं, जैसे फिजियोथेरेपी, ऑक्यूपेशनल थैरेपी एवं स्पेशल एजुकेशन की जानकारी दी। उन्होंने साम्फिया द्वारा संचालित ‘थैरेपी ऑन व्हील्स’ और समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के बारे में भी बताया, जिससे दूरदराज़ के क्षेत्रों में रहने वाले दिव्यांग बच्चों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने चामुंडा कॉलेज के प्रबंधन एवं स्टाफ का आभार व्यक्त किया, जिन्होंने इस शैक्षणिक भ्रमण को सफल बनाने में योगदान दिया।
चामुंडा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एवं नर्सिंग कॉलेज की उप-प्रधानाचार्य पवना ने कहा कि इस भ्रमण के माध्यम से नर्सिंग छात्राओं को दिव्यांग बच्चों के उपचार एवं देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त हुईं। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में ऐसी और भी शैक्षणिक यात्राओं की योजना बनाई जा रही है ताकि छात्राएँ इस क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान अर्जित कर सकें।
यह आयोजन विश्व ऑटिज्म जागरूकता दिवस के उपलक्ष्य में किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में ऑटिज्म एवं अन्य दिव्यांगताओं को लेकर जागरूकता बढ़ाना और इससे जुड़े महत्वपूर्ण चिकित्सा एवं शैक्षणिक उपायों को समझना था। साम्फिया एवं चामुंडा कॉलेज के इस संयुक्त प्रयास से छात्राओं को विशेष आवश्यकताओं वाले बच्चों की शिक्षा और देखभाल की समग्र प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला।