बाल गंगाधर तिलक के जीवन पर आधारित नाटक लोकमान्य तिलक का रोमांचक किया मंचन

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सुरभि न्यूज़ कुल्लू। ऐक्टिव मोनाल कल्चरल ऐसोसिएषन कुल्लू द्वारा संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से तथा भाषा एवं संस्कृति विभाग, कुल्लू के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किए जा रहे नाट्योत्सव ‘कुल्लू रंग मेला’ की दूसरी संध्या संस्था के कलाकारों ने बाल गंगाधर तिलक के जीवन पर आधारित नाटक ‘लोकमान्य तिलक’ का रोमांचक मंचन किया। केहर सिंह ठाकुर द्वारा लिखित व निर्देशित  यह नाटक तिलक द्वारा भारत की स्वतन्त्रता के लिए किए गए संग्राम को बहुत गहनता से दिखाता है।

कलाकेन्द्र कुल्लू में जहां सीमित दर्शकों  ने इस नाट्य प्रस्तुति का आनन्द लिया वहीं ऐक्टिव मोनल के फेसबुक पेज पर लाईव स्ट्रीमिंग में असंख्य दर्शकों ने इस प्रस्तुति का आनन्द लिया। इस नाटक में 1880 से लेकर 1920 तक परत दर परत तिलक के संग्राम के बहाने भारतीय जन मानस की स्थितियों का का भी एक प्रतिबिम्ब प्रस्तुत करता है। उस दौर में तिलक ने लोक जागरण के हर पेंतरे इस्तेमाल किए। इनमें समाचार पत्र मराठा और केसरी का प्रकाशन, उनमें लिखे लेखों के कारण उन्हें तीन बार जेल यात्राएं भी करनी पड़ी। नाटक में दिखाया गया है कि कैसे उन्होंने लोक जागरण के लिए तथा जनता में राश्ट्रवाद की भावना भरने के लिए गणपति महोत्सव तथा षिवाजी जयंति जैसे उत्सव सुमूहिक रूप से मनाने का आवाहन किया और उसमें एकत्र हुए लोगों में राश्ट्रवाद के विचार भरते। उन्होंने स्वराज, बहिश्कार और होमरूल लीग जैसे आन्दोलन आरम्भ किए। कैसे उन्होंने नारा बुलन्द किया ‘स्वराज हमारा जन्म सिद्व अधिकार है इसे हम लेकर ही रहेंगे ’और यह नारा भारत भर में लोकप्रिय हुआ और हर युवा की ज़ुबान पर मुखरित हुआ। नाटक में स्वयं केहर ने तिलक की भूमिका निभाई और इसके साथ आरती ठाकुर, ममता ,देस राज, रेवत राम, कल्पना, प्रेरणा, अनुरन्जनी, सूरज, श्याम  लाल आदि कलाकारों ने अपनी अभिनय प्रतिभा से विभिन्न पात्रों के जीवन्त किया। नाटक में वस्त्र परिकल्पना व आलोक मीनाक्षी का रहा , ध्वनि संचालन एवं लाईव स्ट्रीमिंग वैभव ठाकुर, केमरा पर भरत सिह तथा सुमित ठाकुर रहे।

 

 

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