अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित

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सुरभि न्यूज़ कुल्लू। अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 व नियम 1995 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की प्रगति समीक्षा बैठक आज जिला परिषद बैठक कक्ष में अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गई जिसमें समिति के सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि जिला कुल्लू में अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम अंतर्गत कुल 52 मामले न्यायलयों में लंबित हैं जिनमें से 31 मामले कुल्लू न्यायालय में जबकि 21 मामले रामपुर न्यायलय में लंबित हैं। इनमें से अधिकतर मामलों में मुआवजे की पहली किश्त पीड़ित को प्रदान की जा चुकी है तथा दूसरी तथा अंतिम किश्त प्रदान करने हेतु न्यायालय में आगामी सुनवाई हेतु तियियां निर्धारित कर दी गई हैं। उन्होंने सभी लंबित मामलों में अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान करने को कहा ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय तथा मुआवजे की राशि प्राप्त हो सके। बैठक में निर्णय लिया गया कि उपरोक्त अधिनियम के तहत पीड़ितों को बुलाने पर उन्हें आने-जाने के लिए यात्रा/ दैनिक भत्ता विभाग द्वारा प्रदान किया जाता है तथा पुलिस के पास आने वाले ऐसे मामलों के पीड़ितों को जिला कल्याण अधिकारी के पास भेजने को कहा गया ताकि अधिनियम में दिए गए प्रावधानों के अनुसार पीड़ितों को इस सुविधा का लाभ मिल सके। इसके साथ ही घनी आवादी वाले क्षेत्रों में लोगों को उक्त अधिनियम के प्रावधानों बारे जागरूक करने को पुलिस विभाग के साथ मिलकर जागरूकता शिविर लगाने को लेकर भी चर्चा की गई तथा निर्णय लिया गयो कि ग्राम पंचायतत हाट में शीघ्र ही इस तरह का जागरूकता शिविर लगाया जाएगा। उपमंडल स्तर पर भी एसडीएम की अध्यक्षता में उक्त अधिनियम के तहत बैठकों का आयोजन करने को कहा गया। इसी प्रकार कंप्यूटर एप्लीकेशन एवं प्रशिक्षण दक्षता योजना के तहत जिला स्तरीय समिति, अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम के कार्यन्वयन, मैनुअल स्कवेंजर अधिनियम के तहत जिला स्तरीय सतर्कता समिति तथा रष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के तेहत स्थानीय स्तरीय समिति की बैठकें भी अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला परिषद के बैठक कक्ष में आयोजित की गईं। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर एप्लीकेशन एवं प्रशिक्षण दक्षता योजना के तहत जिला में 236 आवेदकों का कंप्यूटर प्रशिक्षण हेतु चयन किया गया है तथा विभिन्न संस्थानों के माध्यम से इन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इनमें से अनुसूचित जाति के 183 आवेदकों को डीसीए तथा 39 को पीजीडीसीए, अनुसूचित जनजाति के 3 आवेदकों को डीसीए तथा 4 को पीजीडीसीए में प्रशिक्ष्ण प्रदान किया जा रहा है। अन्य पिछड़ा वर्ग के 5 बच्चों को डीसीए जबकि एक दिव्यांग आवेदक को डीसीए में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी संस्थान जहां ये आवेदक प्रशिक्षण ले रहे हैं, सम्बंधित संस्थान मूलरूप से उनकी टाईपिंग स्पीड पर ध्यान केंद्रित करें तथा समय-समय पर टैस्ट भी निर्धारित करें। जिला स्तर पर तीन या छः माह के भीतर इन बच्चों का टैस्ट आईटीआई प्रींसीपल शमशी के माध्यम से लेने को भी चर्चा हुई। बैठक में इन आवेदकों की प्रशिक्षण उपरांत प्लेसमैंट को छः महीने से एक साल तक बढ़ाने को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।


बैठक में अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री के 15 सूत्रीय कार्यक्रम के कार्यन्वयन को लेकर भी चर्चा की गई । अतिरिकत उपायुक्त नेे बताया कि जिला में विशेष पोषण कार्यक्रम के तहत मुस्लिम, सिक्ख, इसाई तथा बोद्ध समुदाय के 0-3 आयु वर्ग के 322 बच्चों तथा 3-6 वर्ष आयु वर्ग के 296 बच्चों जबकि 70 गर्भवती तथा 78 धात्री महिलाओं को लाभान्वित किया जा रहा है। अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करने को सभी छात्रों को विस्तार से इसकी जानकारी प्रदान करने को कहा गया ताकि इस समुदाय के अधिक से अधिक छात्र योजना के तहत छात्रवृति का लाभ उठा सकें। इसी प्रकार मनरेगा के अंतर्गत भी इस वर्ष के दौरान  जिला में अल्पसंख्यक समुदाय के 98 लोगों को जॉब कार्ड प्रदान किए गए। इनमें से 63 लोगों ने रोजगार मांगा तथा इनमें मुस्लिम समुदाय के 45 तथा इसाई समुदाय से सम्बंधित 18 लोगों को रोजगार प्रदान किया गया। बैठक में मैनुअल स्कवेंजर अधिनियम, 2013  के तहत प्रावधानों पर चर्चा की गई तथा सभी नगर परिषदोंुं, नगर पंचायतों तथा सरकारी कार्यालयों में सफाई कर्मचारियों को आवश्यकतानुसार सुरक्षा उपकरण जैसे दस्ताने, फेस मास्क इत्यादि उपलब्ध करवाने को कहा गया। इसी प्रकार स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष में दो बार स्थानीय निकाय एवं अस्पतालों में कार्यरत सफासई कर्मचारियों की स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित बनाने को कहा गया। इसके अतिरिक्त जिला प्रबंधक अनुसूचित जाति, जन जाति विकास निगम कुल्लू द्वारा सफाई कर्मचारियों के लिए मैनुअल स्कवेंजर एक्ट के प्रावधानों एवं सरकार द्वारा  प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी प्रदान करने हेतु लंका बेकर में कार्यशाला आयोजित करने को शहघ्र तिथि निर्धारित करने के भी निर्देश दिए गए।


राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत प्रगति की समीक्षा करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह ने बताया कि उक्त अधिनियम के अंतर्गत जिला  कुल्लू में अब तक 171 कानूनी संरक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। तहसील कल्याण अधिकारी मनाली द्वारा 2 कानूनी संरक्षकों की निकयुक्ति  हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार करने के बाद उन्हें स्वीकृति प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि उक्त अधिनियम के तहत स्वपरायणता, अंगघात, मानसिक मंदता और बहुनिशक्त ग्रस्त व्यक्तियों के कल्याण के लिए 18 वर्ष की आयु तक उनकी ओर से माता-पिता व उनके रिश्तेदार वैधानिक रूप से कोई निर्णय नहीं ले सकते। इस प्रकार किन्हीं विशेष विषयों पर निर्णय लेने के लिए वैधानिक रूप् से कानूनी संरक्षक बनाना आवश्यक होता है। इस अवसर पर जिला न्यायवादी एन.एस चौहान, जिला कल्याण अधिकारी समीर चंद, परियोजना अधिकारी (डीअआरडीए) सुरजीत सिंह, एएसपी, उप निदेशक उच्च शिक्षा शांति लाल तथा जिला रोजगार अधिकारी मनोरमा देवी के अतिरिक्त समिति के अन्य सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्य भी उपस्थित रहे।

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