रंगप्रिया ग्रुप सोलन के कलाकार ने एकल नाटक क्लर्क की मौत से दर्शकों को खूब हंसाया

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सुरभि न्यूज़

कुल्लू

ऐक्टिव मोनाल कल्चरल ऐसोसिएशन कुल्लू द्वारा भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश एवं हिमाचल कला भाषा एवं संस्कृति अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में कलाकेन्द्र कुल्लू में आयोजित किए जा रहे 13 दिवसीय ‘हिमाचल नाट्य महोत्सव’ के दसवें दिन रंगप्रिया ग्रुप सोलन के कलाकार हितेश भार्गव ने एकल अभिनय के माध्यम से एंटन चेखव की कहानी पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ‘एक क्लर्क की मौत’ की सुन्दर प्रस्तुति से दर्शकों को गुदगुदाया भी और संजीदा अभिनय किया। हितेश भार्गव द्वारा ही परिकल्पित एवं निर्देशित इस नाटक में एक क्लर्क बाबू लाल शिमला के षाही सिनेमा में फिल्म शोले को 26वीं बार देख रहा होता है। उसे फिल्म के हर संवाद याद है और साथ ही साथ दोहराता जाता है तो साथ में बैठे लोग परेशान हो जाते हैं पहले तो उनके साथ उनकी नोंक झोंक हो जाती है और फिर उसके बाद उसे छींक आ जाती है और उसके छींटे उससे दो पंक्ति आगे बैठे डी सी साहब की गंजी खोपड़ी पर भी पड़ते हैं। अब बाबू लाल डर जाता है, क्योंकि बाबू लाल एस डी एम आफिस में क्लर्क है जबकि डी सी साहब को पता ही नहीं चलता कि उन पर छींक के छींटे पड़े भी।

लेकिन बाबू लाल मन का इतना साफ है कि वह कोई भी गड़बढ़ होने नहीं देना चाहता। तो वह इन्टरबल में डी सी साहब से मिलने की कोशीश करता है और उनसे माफी मांगता है। डी सी कोई बात नहीं कह कर उसे टाल देता है यह समझ कर कि शायद्द कोई सरफिरा सा आदमी है। लेकिन बाबू लाल के मन में तो उथल पुथल मची है। वह आफिस में सोचता रहता है कि अब क्या होगा। ज्यों की चपऱासी से वह सुनता है कि एस डी एम साहब को डी सी साहब ने बुलाया है तो उसे लगता है कि अब उसकी हीं छींक के बारे में बात हो रही होगी। तो वह उस समस्या से निकलने के लिए बार बार डी सी के पास माफी मांगने जाता है अन्ततः डी सी साहब तंग आकर उसे बुरी तरह से डांट देते हैं और डी सी का बाॅडीगार्ड उसे ज़ोर का धक्का देता है, यह अपमान बाबू लाल को इस कदर मन में लग जाता है और वह इस सदमें को सह नहीं पाता और घर आकर प्राण त्याग देता है। नाटक में छींक के माध्यम से आज के हालात पर कड़ा व्यंग्य साधा गया है जैसे बात बात में बाबू लाल कहता है कि रूस का पुतिन कैसे आजकल छींक रहा है। और फिर हमारे राजनेता आम जनता पर कैसे छींकते हैं। इस तरह के व्यंग्य वाणों से नाटक की प्रस्तुति ने दर्शकों को खुब हंसाया। नाटक में पाष्र्व ध्वनि पर अरूण रहे और प्रकाश व्यवस्था विक्की ने की।

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