केलांग में तीन दिवसीय राज्य स्तरीय जनजातीय उत्सव का समापन समारोह आयोजित

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सुरभि न्यूज़

केलंग

केलांग में 14 से 16 अगस्त तक आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय जनजातीय उत्सव का समापन समारोह में मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं उपायुक्त सुमित खिमटा ने कहा कि मेले और उत्सव हमारी समृद्ध संस्कृति के परिचायक हैं। मेलों के आयोजनों से आपसी भाई चारा बढ़ता है और एक-दूसरे की संस्कृति को जानने का मौका मिलता है वहीं पर मनोरंजन भी होता है। उन्होंने कहा कि आज के परिवेश में हर व्यक्ति के जीवन में बहुत भाग दौड़ रहती है। मेले व सांस्कृतिक कार्यक्रम एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिए हम अपने जीवन को आनंदमय बना सकते हैं। खिमटा ने कहा कि हमें अपनी संस्कृति को बढ़ावा देना चाहिए। उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश में वर्ष भर विभिन्न अवसरों पर मेलों और उत्सवों का आयोजन किया जाता है जो समाज में समरस्ता और मेलजोल की संस्कृति को बढ़ावा देते हैं साथ ही हमारी समृद्व संस्कृति एवं परम्पराओं का संरक्षण एवं संवर्धन भी करते हैं।। उन्होंने कहा कि मेलों में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन से लोगों के मनोरंजन के साथ-साथ ग्रामीण प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा दिखाने एवं उभारने के लिए मंच भी मिलता है। उन्होंने मेले के सफल आयोजन में सहयोग करने के लिए सभी का आभार प्रकट किया।इस अवसर पर उपायुक्त ने उत्सव में सहयोग देने वाले होटल असोसिएशन सहित सभी संगठनों , तथा खेलकूद प्रतिस्पर्धा के विजेताओं का आभार करते हुए सम्मानित भी किया। इस अवसर पर एसडीएम प्रिया नागटा, एसी टू डीसी डाॅ.रोहित शर्मा, बीडीओ डॉ विवेक गुलेरीया, टीएसी सदस्य नवांग उपासक एवं पुष्पा तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारियों सहित विभिन्न महिला मंडलों, युवक मंडलों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
राज्य स्तरीय जनजातीय उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों में दूसरी सांस्कृतिक संध्या में जहां कुलदीप शर्मा, सहित कारगिल से नॉर्थ जोन कल्चरल सेंटर, पटियाला (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) के कलाकारों ने हार्वेस्ट नृत्य प्रस्तुत किया, राजस्थान से सहरिया स्वांग नृत्य प्रस्तुत किया और उत्तराखंड के कलाकारों ने इस मेले के दौरान जौनसारी आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया जिसे दर्शकों ने सराहा।
वहीं तीसरी व अंतिम सन्ध्या में लाल सिंह, जीवन सिंह, नीरू चांदनी, रोज़ी शर्मा, बीरबल किन्नौरा, सहित सवांगला बोध कला मंच, पंगवाली नृत्य आदि मुख्य आकर्षण रहे।

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