साहित्य :  कल्याण कला मंच बिलासपुर ने आयोजित किया कवि सम्मेलन

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सुरभि न्यूज़

चांदपुर, बिलासपुर

कल्याण कला मंच बिलासपुर ने मछली टैंकों के साथ देवली गांव में आयोजित मासिक कवि सम्मेलन में कलाकारों ने समां बांधा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राधाकृष्णन ने शिरकत की जबकि प्रधान  तृप्ता कौर मुसाफिर, मंच की कोर कमेटी के सदस्य सुरुर मिन्हास और अमर नाथ धीमान भी उपस्थित रहे जबकि मुख्य रूप से रीना देवी, कृष्ण लाल, लाल भट्टा और डा अनेक राम संख्यान भी उपस्थित रहे।

बाबू राम धीमान ने मंच संचालन का कुशल परिचय दिया। सर्व प्रथम कप्तान सुरूर ने समय थमता नहीं बातें फिर वही जबकि बलियालाल लखन पाल ने सब कुछ लुटा दिया रचना से कार्यक्रम का आगाज किया। कर्मवीर कांडेरा ने से दिन नी औने मची के जबकि दिव्या भट्टा ने वहम कविता सुनाई।

डॉ. अनेक राम ने गद्दी गद्दन जबकि तृप्ता कौर मुसाफिर ने सुन सीता प्राण से गुड़िया रचना सुना कर वाहवाही लूटी। चिंत भारद्वाज ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया जबकि श्याम सहगल ने गीत सुनाकर समा बांधा। नरेंद्र दत्त ने मेरा गीत अमर कर दो जबकि बालाजी महलवाले ने क्या कहा था अपनी रचना सुनाई।

सुरेन्द्र मिन्हास ने घागैस सभी रा छैल थकाना पौंडा औने कितनी बार जाना सबको मन्त्रमुग्ध किया। महिला मंडल देवली ने गीत सुनकर सभी का स्वागत किया जबकि सत्यनारायण कमल चंदेल ने वेबस आवाजें जो दबा दी हैं रचना सुनाकर सोचने पर मजबूर किया। डॉ जय महलवालन ने क्या बताया क्या बात हो गई कविता सुनाई जबकि राम पाल डोगरा ने देवली नाम केसे पड़ा पर प्रकाश डाला।

प्रकाशक राम धमन ने ऐदा अचंभा होया मेरे कृष्ण राती सोने नि मिलदा जबकि रीना एवं सखियों ने घोड़ा तेरी खाई घास चुगे आदि गीत, भजन, गजल सुना कर सभी को झूमने पर मजबूर किया। अंत में मुख्य संरक्षक मराठा धीमन ने सभी को धन्यवाद दिया। इस मठ पर बुजुर्ग साकेत चिंता जी ने सभी को बिलासपुरी धाम का सवाद चखाया।

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