सुरभि न्यूज़ ब्यूरो
कुल्लू
रंगमंच गांव गांव आंगन आंगन की अवधारणा के अन्तरगत स्थानीय संस्था ऐक्टिव मोनाल कल्चरल एसोसिएशन के कलाकारों ने अपने हास्य नाटक ‘बिच्छू’ का जमोट गांव में सफल मंचन किया।
विश्व विख्यात फ्रांसीसी नाटककार मौलियर द्वारा लिखित इस नाटक को रंगकर्मी केहर सिंह ठाकुर द्वारा हिमाचली परिवेश में रूपांतरित व निर्देशित किया गया था। कलाकारों ने अपने अभिनय से उपस्थित दर्शकों को लोट पोट कर दिया।
कहानी सेब के दो व्यापारी लालाओं लाला राम दास और लाला शाम दास की है। वे काफी कंजूस किस्म के हैं और उनके लड़के अजु और मुनीष उनसे अपने लिए पैसा निकालने में नौकर गोपू की मदद लेते हैं क्योंकि पैसे उन्हें अपनी प्रेमिकाओं के लिए चाहिए होते हैं, जिनसे वे शादी करना चाहते हैं।
गोपू बड़ा ही चालाक और शातिर है। वह अपने साथ एक और साथी नौकर हमेश को भी साथ लेता है और वह भी खुशी- खुशी उसका साथ देता है क्योंकि वह उतना शातिर नहीं और और अपनी अधिकतर ज़रूरतों के लिए गोपू पर ही निर्भर रहता है।
उनके बापों से पैसे निकालने में गोपू कई तरह के हथकंडे अपनाता है और अन्ततः उन से पैसे निकाल भी देता है। इस पैसे निकालने के खेल में नाटक में कई ऐसी स्थितियां बनती है जो दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर देते हैं।
नाटक में केहर सिंह ठाकुर, रेवत राम विक्की, परमानन्द, जीवानन्द, सूरज, श्याम लाल, पायल, आंचल, अनामिका तथा अनन्या आदि कलाकारों ने अभिनय किया।
मंच पाष्र्व में मीनाक्षी, देस राज व वैभव ठाकुर आदि कलाकारों ने सहयोग दिया। इसी नाटक का अगला मंचन 8 फरवरी को कुल्लू के शमशी में किया जाएगा।












