बीपीएल परिवारों के चयन को लेकर तुंग पंचायत की ग्राम सभा में बबाल

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सुरभि न्यूज़(परस राम भारती)गुशैनी बंजार। उपमंडल बंजार की ग्राम पंचायत तुंग में हुई ग्राम सभा के दौरान बी पी एल परिवारों की समीक्षा के मुददे को लेकर खूब हो हल्ला हुआ। लोगों का कहना था कि सरकार द्धारा इन परिवारों के चयन के लिए रखे छह मुख्य मापदंडों के आधार पर वंचित सभी परिवारों को बी पी एल सूची मे शामिल किया जाना चाहिए। ग्राम पंचायत तुंग में हुई ग्राम सभा में जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने उपस्थिति दर्ज की और इन महिलाओं ने भी चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए तथा पात्र परिवारों की उपेक्षा होने की बात कही है। इस ग्राम सभा में उपस्थिति स्थानीय निवासी वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार दौलत भारती ने कहा कि यह प्रक्रिया खाली पदों को भरने जैसी है लिहाजा पंचायत के कई परिवार इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होने कहा है कि यह ताजुब की बात है कि करीब पांच सौ परिवारों में से केवल 77 लोग ही बी पी एल के दायरे में आते है। इस पंचायत में 77 का यह आंकड़ा करीब चार दशकों से यथावत है जबकि पंचायत में इस अन्तराल में परिवारों की संख्या बढ़ी है। इन्होंने सुझाव दिया कि बी पी एल परिवार की सूची से किसीको बाहर करने की अपेक्षा वंचित परवारों को शामिल किया जाए और इसकी समीक्षा भी होनी चाहिए। पंचायत समिति तुंग मशियार की सदस्य कमला देवी ने बताया कि ग्राम सभा में पात्र गरीब परिवारों का चयन निष्पक्षता से होना चाहिए ताकि लोगों को वास्तविक रूप से इस योजना का लाभ मिल सके। इन्होंने कहा है कि इस चयन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए उप ग्राम सभा में चयन कमेटी द्धारा पात्र लोगों का नए सिरे से सर्वेक्षण करवाया जाना जरुरी है। ग्राम पंचायत तुंग के उप प्रधान दिले राम ने कहा है कि पिछले कल हुई ग्राम सभा बहुत ही हंगामेदार रही है। इस सभा में महिलाओं की उपस्थिति ज्यादा रही और महिलाओं ने भी एकमत कहा कि बी पी एल परिवारों का नए सिरे से सर्वेक्ष्ण करवाया जाना चाहिए। इन्होंने बताया कि इस पंचायत में केवल 77 परिवार ही बी पी एल श्रेणी में आ सकते है जो इस समय 74 परिवार शामिल है और 3 परिवारों का चयन होना था लेकिन इस पर ग्राम सभा में सहमति नहीं बन पाई। ग्राम सभा में तय हुआ है कि नए सिरे से बी पी एल परिवारों का सर्वेक्ष्ण होना चाहिए जिसके लिए पंचायत प्रधान सहित वार्ड सदस्य मीना देवी, रंजना देवी, उत्तम राम, रामप्यारी, जै सिंह, मोहन सिंह और बंदना देवी ने भी हामी भरी है। इस ग्राम सभा में उपस्थिति महिलाओं का कहना था कि कई परिवार बी पी एल सूची में शामिल होनेके लिए सालों से इंतजार कर रहे हैं और अब उनकी अगली पीढ़ी को भी इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। युवाओं का कहना था कि अब उनकी पंचायत में भी शिक्षा का विस्तार हुआ है लेकिन गरीब होते हुए भी पंचायत के युवा बी पी एल के लाभ से बांचित है जबकि कई परिवार 30-40 वर्षों से बी पी एल परिवार में शामिल हैं। लोगों ने ग्राम सभा में यह भी सुझाव दिया है कि या तो पंचायत को बी पी एल मुक्त किया जाए या फिर सभी पात्र परिवारों को सूची में शामिल किया जाए।

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