चौहर घाटी के स्कूलों में खाली चल रहे अध्यापकों के पदों को शिघ्र भरा जाए

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सुरभि न्यूज़

खुशी राम ठाकुर,

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार हर सार्वजनिक मंचों से बड़े–बड़े दावे करते आ रहे है मगर उनके ये दावे धरातल पर ज़रा सा भी नज़र नहीं आ रहे हैं।

मैदानी इलाकों में खोली गई पाठशालाओं में हर विषयों के अध्यापक को तैनात कर सेवाएं प्रदान कर रहे हैं मगर दुर्गम क्षेत्र में खोली गई पाठशालाओं में अध्यापकों के खाली पद चलने के कारण यहाँ की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। जिसका ज्वलंत उदहारण दुर्गम चौहार घाटी में खोली गई कई पाठशालाओं में देखने को मिल रहा है।

घाटी की कई पाठशालाओं में मात्र एक अध्यापक या फिर डेपुटेशन के रूप मे अध्यापक ड्यूटी देकर बच्चों को शिक्षा दे रहा हैं। खलैहल पंचायत के अंतर्गत प्राथमिक पाठशाला खलैहल में मात्र एक अध्यापक का तवादला होने के बाद दो वर्षों से डेपुटेशन में आए अध्यापक के सहारे पढ़ाई चल रही हैं।

खलैहल बार्ड से बार्ड सदस्य तवारू राम का कहना है कि गाँव में गत दिनों द्रंग के विधायक पूरन चंद ठाकुर को भी इस बारे में अवगत करवाया गया मगर उनके आश्वासन के बावजूद भी अभी तक समस्या का कोई भी हल नहीं हो पाया है। जिस कारण गाँव के समस्त लोगों में भारी रोष पनपा हुआ है।

उन्होंने कहा कि हालांकि इस समस्या को लेकर वे गत दिनों पंचायत प्रधान भागमल की अगुवाई में शिक्षा उपनिदेशक मंडी से भी मिले थे तथा उन्हें प्रस्ताव भी सौंपा गया था मगर उसके बाद भी इस पाठाशाला में स्थाई तौर से अध्यापकों की तैनाती ही नहीं हो पाई है। इस गाँव के लिए इससे बड़ी विडम्मना और क्या हो सकती है। उन्होंने द्रंग के विधायक पूरन चंद ठाकुर तथा शिक्षा विभाग से एक बार फिर से मांग की है कि इस पाठशाला में खाली चल रहे अध्यापक के पद को जल्द से जल्द भरा जाए।

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