सुरभि न्यूज़
परस राम भारती, शिमला : 13 अगस्त
हिमाचल प्रदेश कोली समाज की त्रैमासिक राज्य कार्यकारिणी बैठक शिमला के कामना नगर, चक्कर स्थित प्रदेश कार्यालय कौशल निवास में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष अमर चन्द शलाठ ने की, जिसमें राज्य कार्यकारिणी पदाधिकारी, जिला व खण्ड अध्यक्ष, महिला प्रकोष्ठ प्रतिनिधि और विभिन्न जिलों से जुड़े सदस्य ऑनलाइन जूम और ऑफलाइन प्रत्यक्ष माध्यम से शामिल हुए।
बैठक में संगठन के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। जिला सोलन से जुड़े मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए यह निर्णय लिया गया कि यदि 20 जुलाई 2025 को सायरी में हुए समझौते का पालन नहीं किया गया, तो संविधान और नियमों के तहत कार्यवाही की जाएगी। क्यूंकि सोलन जिला कोली समाज ने अलग से ही अपनी नई कार्यकारिणी बनाई है जो अखिल भारतीय कोली समाज से सम्बद्ध नहीं है और असंवेधानिक है।
प्रदेश भर में सदस्यता अभियान को तेज़ी से चलाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। महिला प्रकोष्ठ का गठन जिला व खण्ड स्तर पर करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। साथ ही, आपदा प्रभावित समाज के लोगों को आर्थिक सहायता देने का भी फैसला लिया गया। राज्य में हो रही हर भर्ती में अनुसूचित जातियों के लिए संविधान प्रदत आरक्षण का प्रावधान किया जाए , इस संदर्भ में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करके प्रदेश सरकार को भेजा जा रहा है।
कोली समाज के प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि अखिल भारतीय कोली समाज रजि. नई दिल्ली के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप के दिशा निर्देश अनुसार 31 अगस्त 2025 तक राष्ट्रव्यापी सदस्यता अभियान पर्व शुरू किया गया है।
इन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कोली समाज की ओर से मंडी जिले में आपदा प्रभावित समाजिक बन्धुओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जो संकट की इस घड़ी में पूरा कोली समाज अपने लोगों के साथ खड़ा है। अमर चंद शलाठ ने कहा कि यह राशि राहत कार्यों के अलावा प्रभावित परिवारों को तात्कालिक मदद करने में सहायक सिद्ध होगी। इन्होंने समाज के साधन संपन्न एवं प्रतिष्ठित लोगों से अपील की है कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित लोगों के पुनर्वास हेतु दिल खोल कर दान करें।
अमर चन्द शलाठ ने बताया कि अब हर माह जिला और खण्ड स्तर की बैठक ऑनलाइन जूम के माध्यम से होगी, जिससे समाज के लोग सीधे जुड़ सकेंगे। इसके अलावा, गूगल फॉर्म के जरिए ऑनलाइन सदस्यता भी बढ़ाई जाएगी जिसके लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।
बैठक में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष रोशन लाल डोगरा, महासचिव गोपाल झिलटा, सह सचिव प्रभा शांडिल समेत कई गणमान्य पदाधिकारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
प्रदेश अध्यक्ष अमर चन्द शलाठ ने इस बैठक में शामिल होने के लिए सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया है, इन्होंने पूर्व प्रदेश कार्यकारिणी पदाधिकारिओं द्वारा किए गए कार्यों की भी सराहना की है जिसमें कोली समाज भवन निर्माण कार्य में हो रही प्रगति भी एक महत्पूर्ण है। इन्होंने सभी के सहयोग तथा मार्गदर्शन से कोली समुदाय को हर क्षेत्र में आगे ले जाने की बात कही है।
गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश कोली समाज की स्थापना वर्ष 1978 में जिला सोलन के स्व. नन्द लाल कौशल ने की थी। यह संगठन अखिल भारतीय कोली समाज से सम्बद्ध है और राजनीति से ऊपर उठकर कोली समुदाय के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास के लिए कार्य करता है। वर्तमान में प्रदेश के छह जिलों कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और कांगड़ा में समाज की कार्यकारिणी गठित है। इन जिलों में अनुसूचित जातियों की जनसंख्या में कोली जाति की संख्या सर्वाधिक है।
प्रदेश की 17 आरक्षित विधानसभा सीटों में से 9 पर कोली समाज के विधायक हैं, जो समाज के लिए गर्व की बात है। कोली समुदाय का योगदान राजनीति के साथ-साथ प्रशासन, शिक्षा, चिकित्सा, सेना, खेल और अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण रहा है।










