हिमाचल प्रदेश में 800 मेगावाट की पार्बती-II जलविद्युत परियोजना एनएचपीसी की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण है – आर.पी. गोयल

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सुरभि न्यूज़

प्रताप अरनोट, फरीदाबाद

एनएचपीसी द्वारा 30 अगस्त को अपने पंजीकृत कार्यालय, फरीदाबाद से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी 49वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजन किया गया। कंपनी के सदस्यों ने अन्य बातों के साथ-साथ वर्ष 2024-25 के लिए प्रति इक्विटी शेयर 0.51 रुपये के अंतिम लाभांश की घोषणा के प्रस्ताव पर विचार किया, जो मार्च 2025 में भुगतान किए गए 1.40 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त है।

एनएचपीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आर.पी. गोयल ने एजीएम में शेयरधारकों को संबोधित किया, जिसमें एनएचपीसी बोर्ड के सदस्य उत्तम लाल, निदेशक (कार्मिक), संजय कुमार सिंह, निदेशक (परियोजनाएं), सुप्रकाश अधिकारी, निदेशक (तकनीकी), मोहम्मद अफजल, सरकारी नामित निदेशक और स्वतंत्र निदेशक प्रेमकुमार गोवर्धनन, डॉ. उदय सखाराम निरगुडकर, जीजी जोसेफ, अनिल कुमार सूद (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से) और एनएचपीसी की कंपनी सचिव रूपा देब भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए, गोयल ने कहा कि अनेक चुनौतियों के बावजूद, एनएचपीसी ने 2024-25 में एक मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया। यह वर्ष एनएचपीसी की यात्रा में एक मील का पत्थर रहा है, जिसमें कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ रहीं, जिनमें सबसे उल्लेखनीय प्रतिष्ठित उपलब्धि नवरत्न का दर्जा प्राप्त होना है। यह मान्यता एनएचपीसी की निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाती है और विकास एवं बाजार विस्तार के नए रास्ते खोलती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कंपनी ने अपना 50वाँ स्थापना दिवस मनाया, जो स्वर्ण जयंती वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और एनएचपीसी की गौरवशाली विरासत, महत्वपूर्ण उपलब्धियों तथा भारत के ऊर्जा क्षेत्र के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।

गोयल ने परियोजनाओं की प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए हिमाचल प्रदेश में 800 मेगावाट की पार्बती-II जलविद्युत परियोजना के पूरा होने का उल्लेख किया, जोकि एनएचपीसी की इंजीनियरिंग उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने राजस्थान में 300 मेगावाट की करणीसर सौर परियोजना में से 214.28 मेगावाट क्षमता के चालू होने का भी उल्लेख किया, जो सौर ऊर्जा में एनएचपीसी के विविधीकरण को रेखांकित करता है। 2000 मेगावाट की सुबनसिरी लोअर परियोजना (अरुणाचल प्रदेश/असम) में भी उल्लेखनीय प्रगति की सूचना दी गई, जहाँ 250 मेगावाट की तीन इकाइयों को शीघ्र ही चालू करने के लिए राष्ट्रीय बाँध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) से अंतिम मंज़ूरी का इंतज़ार है। उन्होंने वार्षिक आम बैठक के दौरान कंपनी के प्रदर्शन के संबंध में शेयरधारकों के विभिन्न प्रश्नों का समुचित समाधान सुनिश्चित किया।

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