सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 1 सितम्बर
सर्किट हाउस कुल्लू में पूर्व मंत्री की पत्रकार वार्ता के दौरान 29 अगस्त को हुए दुर्व्यवहार के विरोध में जिला मुख्यालय के सभी पत्रकार सोमवार को उपायुक्त कुल्लू से मिले। पत्रकारों ने इस घटना को प्रेस की गरिमा पर आघात बताते हुए उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पूर्व मंत्री की प्रेस वार्ता के लिए पत्रकारों को विधिवत बुलाया गया था। लेकिन समय से कुछ पहले ही जब कुछ पत्रकार कॉन्फ्रेंस हॉल में पहुँचकर कवरेज की प्रतीक्षा कर रहे थे, तभी सर्किट हाउस के एक कर्मचारी ने उनसे बदसलूकी की और उन्हें हॉल से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, कर्मचारी ने हॉल में ताला लगाकर यह टिप्पणी की कि प्रेस वार्ता की कोई अनुमति नहीं ली गई है।
पत्रकारों का कहना है कि यह व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की गरिमा पर भी सीधा हमला है।
उपायुक्त कुल्लू ने पत्रकारों की आपत्ति पर खेद जताते हुए आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा नहीं होगी। वहीं, पत्रकारों ने सामूहिक निर्णय लेते हुए कहा कि जब तक इस घटना की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं हो जाती और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक सर्किट हाउस कुल्लू में आयोजित किसी भी सरकारी या गैर-सरकारी प्रेस वार्ता और कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया जाएगा।
गौरतलब है कि पत्रकारों ने मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश को संबोधित ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन की प्रतियां उप मुख्यमंत्री, जनसम्पर्क विभाग निदेशक, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को भी भेजी गई हैं।









