ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट
छोटाभंगाल व चौहार घाटी के किसान आलू की नगदी फसल की बिजाई करने तथा विभिन्न प्रकार की सब्जियों की पनीरियों को तैयार करने के लिए बेड़ों में बीजों की बिजाई करने के बाद अब इन दिनों रबी की प्रमुख फसल जौ की कटाई के कार्य में जुटे हुए हैं।
गत तीन दिन से दोनों घाटियों में मौसम के अनुकूल होते ही किसान पारंपरिक तरीकों से खेतों में कटाई, मड़ाई और गहाई का कार्य कर रहे हैं ताकि समय पर फसल को सुरक्षित घर तक पहुंचाया जा सके। इससे पूर्व यहाँ पर मौसम खराब रहने से किसानों की फसलें प्रभावित हों चुकी है, मगर अब प्रभावित होने से शेष रही जौ की फसल पक चुकी है और जौ की फसल की कटाई में जुट गए हैं।
घाटियों के किसानों वजिन्द्र सिंह, विनोद कुमार, अमरजीत सिंह, ज्ञान चंद, डागी राम, हरी देव, कृष्ण कुमार, व ब्रह्मा नन्द ने बताया कि इस बार फसल के पकने के दौरान यहाँ पर बारिश का सिलसिला जारी रहने से उनकी जौ की फसल सहित खेतों में बीजी गई सभी फसलें काफी प्रभावित हुई है जिस कारण उनकी फसलों की पैदाइश में काफी कमी हो गई है।
उनका कहना है कि चौहार घाटी के कुछ गाँवों के लोग जौ की कटाई करने के बाद खाली हुए खेतों में मक्की की फसल की बिजाई करेंगे तथा अन्य शेष रहे गाँवों के किसानों सहित छोटाभंगाल घाटी के लगभग सभी गाँवों के किसान खाली हुए अपने – अपने खेतों में विभिन्न प्रकार की सब्जियों की पनीरियों को लगाएंगे।











