सुरभि न्यूज़
शिमला, हिमाचल प्रदेश
दीपावली के त्योहार को देखते हुए हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने प्रदेश में नकली एवं मिलावटी दुग्ध उत्पादों की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग से सतर्कता बढ़ाने की मांग की है। परिषद ने मिठाइयों, दूध, मावा, पनीर और देसी घी की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने तथा मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद के अध्यक्ष जोगेन्द्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि पड़ोसी राज्यों पंजाब और उत्तर प्रदेश से मीडिया के माध्यम से नकली पनीर, मिलावटी देसी घी और सिंथेटिक दूध उत्पादों के पकड़े जाने एवं इनके निर्माण की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में त्योहारों के दौरान इन हानिकारक खाद्य पदार्थों की खेप हिमाचल प्रदेश के बाजारों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। इससे आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
परिषद ने खाद्य सुरक्षा विभाग से मांग की है कि बाहरी राज्यों से प्रदेश में आने वाले दूध, मावा, पनीर और घी की खेपों की राज्य के प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की जाए। इसके अलावा त्योहारों के दौरान मिठाई की दुकानों, डेयरियों और गोदामों में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से औचक निरीक्षण किए जाएं।
परिषद ने संदिग्ध खाद्य पदार्थों और मिठाइयों के नमूने तत्काल लेकर प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजने की भी मांग की है। जांच में मिलावट की पुष्टि होने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हो सकें।
हिमाचल उपभोक्ता संरक्षण परिषद ने आम जनता से भी अपील की है कि दीपावली के अवसर पर मिठाइयां और दुग्ध उत्पाद खरीदते समय विशेष सावधानी बरतें। उपभोक्ता अत्यधिक चमकीले रंगों वाली मिठाइयों को खरीदने से बचें तथा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता पर ध्यान दें।
परिषद ने कहा कि यदि किसी दुकान पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री का संदेह हो, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन या खाद्य सुरक्षा विभाग को दी जानी चाहिए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
परिषद के अध्यक्ष जोगेन्द्र कंवर और उपाध्यक्ष रणजीत सिंह धीमान ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान मुनाफे के लिए उपभोक्ताओं की सेहत और उनकी जेब से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से जनहित में प्रभावी निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आग्रह किया, ताकि प्रदेशवासियों को दीपावली पर सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।











