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सुरभि न्यूज़

खुशी राम ठाकुर, बरोट

छोटाभंगाल तथा चौहार घाटी में मंगलवार देर शाम से वीरवर को दिनभर बारिश तथा बर्फवारी का सिलसिला जारी रहा है। दोनों घाटियों के निचले भाग में बारिश होती रही जबकि ऊंची- ऊंची पर्वतमालाओं तथा दुर्गम गाँवों में बर्फवारी का क्रम जारी रहा हैं। दोनों घाटियों में गत चार माह बाद बारिश का होना यहाँ के किसानों की फसलों के लिए सोने में सुहागा साबित हुई है और इस बर्ष सर्दी के मौसम की पहली बर्फवारी हुई है। जिससे दोनों घाटियों के लोगों ने राहत की सांस ली है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार छोटाभंगाल के राजगुंधा, कुक्कड़ गुन्धा, कुडधार, शपहौता, बड़ा ग्रां, नलहौता, कोली रूलिंग, कोठी कोहड़, चेल्रा दी मलाह, सरला, धरमाण, नेर सरमाण, उहलधार, जुधार, भुजलिंग, स्वाड़, तरमेहर, पोलिंग, अन्दरली मलाह, छेरना, लोआई, रोपडू तथा चौहार घाटी के मियोट, खलैहल, बड़ी व छोटी झरवाड़, मंडी रूलिंग, ग्रामण, पंजौंड व गुराहला दुर्गम गाँवों में ताज़ा बर्फवारी हो रही है। जिस कारण सभी दुर्गम गाँवों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

दोंनों घाटियों के दुर्गम गाँवों के लोगो वीरवार को दिनभर अपने–पने घरों में ही दुबकने को मज़बूर रहे। यहाँ हुई बारिश तथा बर्फवारी के कारण दोनों घाटियाँ प्रचंड ठंड की चपेट में आ गई है। दुर्गम गाँवों में हुई बर्फवारी के कारण नीचे से आने वाली सभी बसें बड़ा ग्रां मियोट बस ठहराव तक जाने के वजाय मुल्थान बस ठहराव तक की आवाजाही करती रही। जिस कारण इन दुर्गम गाँवों के लोगों को जरूरी कार्य के लिए बरोट, मुल्थान यहाँ फिर निचले क्षेत्रों में जाने के लिए बस की सुविधा प्राप्त करने से वंचित रहना पड़ रहा है।

घाटियों के मुल्थान, दयोट, लोहारडी, लंबाडग, बरोट, लक्कड़ बाज़ार, टिक्कन तथा थल्टूखोड़ आदि बाज़ारों में नाम मात्र की चहलकदमी रही वहीँ इन बाज़ारों के व्यापारी अपनी दुकानों में दिनभर कोयले की अंगीठी तथा बिजली के हीटर जलाकर प्रचंड ठण्ड से निजात पाते दिखाई दिए।

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