सुरभि न्यूज़
12 फरवरी, 2026
किसान सभा के राज्य उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज, आंगनबाड़ी की तरफ से तमन्ना देवी, अर्चना देवी, तृप्ता, मिड डे मील वर्कर्स की तरफ से रीना देवी, पुन्नी देवी, आशा वर्कर्स यूनियन की तरफ से रंजना देवी, किसान सभा की तरफ से रविंदर कुमार, नौजवान संजय जमवाल, नरेश धरवाल, नरेश धरवाल, नौजवान सभा की तरफ से संजय जमवाल, एस एफ आई की तरफ से मोहित के नेतृत्व में आज जोगिंदर नगर में धरना प्रदर्शन किया गया।
उपाध्यक्ष कुशाल भारद्वाज ने बताया कि आज हजारों लोगों ने मजदूर विरोधी 4 लेबर कोड वापस लेने, आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, पेंशन व ग्रेच्युटी देने, हरियाणा की तर्ज पर मानदेय देने, अतिरिक्त काम का अतिरिक्त मानदेय देने, मिड डे मील वर्कर्स व आशा वर्कर्स को दिहाड़ीदार का दर्जा देने, निश्चित समयावधि में उनको पक्का करने, सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 1800रु देने, छुट्टियों का मानदेय तथा मेडिकल सुविधा देने की मांग तथा बिजली के निजीकरण, स्मार्ट मीटरिंग, बिजली संशोधन बिल 2025 को वापस लेने, प्रदेश को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बहाल करने, मनरेगा व RDG बहाल करने, अन्य जनविरोधी बिलों को वापस लेने की मांग पर आज हजारों मजदूरों, किसानों, स्कीम वर्करों, छात्रों व युवाओं ने इन मांगो को लेकर विशाल प्रदर्शन किया।
इस अवसर पर कुशाल भारद्वाज ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार पूंजीपतियों को खुश कर रही हैं तथा मजदूर, किसान, स्कीम वर्कर्स व आम जनता का गला घोंट रही हैं। स्मार्ट मीटर भी बिजली का पूरी तरह से निजीकरण करने, महंगा करने, बिजली बोर्डों को खत्म करने और बिजली का स्वामित्व और मुनाफा प्राइवेट कंपनियों को देने के लिए ही लगाए जा रहे हैं। बिजली संशोधन बिल 2026, बीज बिल, वी.बी. शिक्षा अधिष्ठान बिल, शांति बिल 2026 जन विरोधी हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से इन बिलों को वापस लेने और अमेरिका से हुए व्यापार समझौते को रद्द करने तथा हिमाचल को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट को बहाल करने की मांग की।
उन्होंने मिड डे मील वर्कर्स तथा आशा वर्कर्स की विधवा पेंशन बहाल करने तथा उनकी बीपीएल पात्रता बहाल करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि विधवा महिलाओं के प्रति सरकार का ऐसा रवैया निंदनीय है। किसी भी महिला की विधवा पेंशन किसी भी सूरत में बंद नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर तमन्ना, अर्चना, तृप्ता, रंजना, संजय जमवाल, मोहित, रविंदर कुमार, नरेश धरवाल व मोहित ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि 4 लेबर कोड रद्द करने, आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, पेंशन व ग्रेच्युटी देने, हरियाणा की तर्ज पर मानदेय देने, अतिरिक्त काम का अतिरिक्त मानदेय देने, मिड डे मील वर्कर्स व आशा वर्कर्स को दिहाड़ीदार का दर्जा देने, निश्चित समयावधि में उनको पक्का करने, सभी स्कीम वर्कर्स को न्यूनतम वेतन 1800रु देने, छुट्टियों का मानदेय तथा मेडिकल सुविधा आदि की सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाए।
उन्होंने कहाकि धरना प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को ऑनलाइन ज्ञापन भी भेजे गए तथा चेतावनी दी कि सरकारों ने पूंजीपतियों को रिझाने के लिए मनमानी नहीं रोकी तो तीखा संघर्ष छेड़ा जाएगा











