आनी खंड के रानीकोट का ऐतिहासिक दो दिवसीय मेला देवआगमन के साथ शुरू

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सुरभि न्यूज़
छविन्द्र शर्मा, आनी
आनी खंड के अंतर्गत कराणा पंचायत के खूबसूरत स्थल रानीकोट में घने देवदार के पेडों की ओट में मनाए जाने वाला रानीकोट का ऐतिहासिक मेला देवता कुइंरी और पनेउई नाग के आगमन के साथ शुरू हो गया है। प्राचीन समय से मनाए जा रहे इस मेले में आज भी कई ऐतिहासिक घटनाएं देखने को मिलती है।
घने देवदार के जंगल के मध्य रानीकोट मेले में क्षेत्र की करीब दस पंचायतो के हजारों लोग शिरक्त करते है। मान्यता है कि प्राचीन समय में क्षेत्र में हिन्दुओं की पूज्य गउ माता एक भयानक बीमारी की चपेट में आने से यहां अनेकों गउंओं की अकाल मृत्यु हो गई। इस भयानक बीमारी के प्रकोप से लोग चिन्तित हो गए और इस प्रकोप को दूर करने के लिए अपने.अपने अराध्य देवता की शरण में गए।
देवता ने लोगों की फरियाद सुनी और प्रकोप का खात्मा कर भविष्यवाणी करते हुए जनता को आदेश दिया कि राणीकोट नामक स्थान पर एक मेले का आयोजन बीस भादों के दिन से किया जाए। देवता के इस आदेश की पालना करते हुए क्षेत्र के लोगों ने रानीकोट जो घने देवदार के जंगल के मध्य में स्थित है, में मेले का आयोजन किया, जो आज भी हर वर्ष बीस भादों को मनाया जाता है।
कुइंरी देवता के कारदार इंद्रसिंह और पनेउई नाग के कारदार मालसिंह ने बताया कि दोनों देवताओं के आगमन के साथ इस मेले का आयोजन होता है। उन्होने कहा कि हर साल की भान्ति इस वर्ष भी इस मेले में भारी  जन समूह उमड़ता है।  गुरुवार से शुरू हुए  इस मेले में देवता के देवलुओं सहित क्षेत्र के सैंकडो लोग मौजूद रहे। यह मेला दो दिनों तक चलेगा, जिसमें महिला पुरुषों की देवनाटी का लुत्फ उठाकर प्राचीन संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है।

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