सुरभि न्यूज़
ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट
जिला कांगड़ा की छोटाभंगाल व जिला मंडी की चौहार घाटी में लगभग पांच दशकों से भयानक आगजनी की घटनाएं होती आ रही है, जिसमें अमूल्य जाने चली गई और करोड़ों रुपये का नुकसान हो चूका है मगर आज तक कोई भी सरकार दोनों क्षेत्रवासियों के जानमाल की सुरक्षा को लेकर एक अग्निशमन केंद्र की सुविधा उपलब्ध नहीं कर पाई है।
दोनों क्षेत्रोंवासियों की कई ऐसी मांगे जो बिलकुल मिलनी चाहिए परन्तु चुनावों के दौरान नेता लोग झोली फैला कर बोट मांगने आ जाते है और झूठे आश्वासन दे कर बोट बटोर कर चले जाते है। फ़िर दौबारा शक्ल तक नहीं दिखाते है।
इससे पूर्व भी दोनों घाटियों के केंद्र स्थल मुल्थान या बरोट में अग्निशमन केंद्र को स्थापपित करने की मांग कई बार उठाई गई है मगर उसके बावजूद भी आजतक सता में रहने वाली किसी भी केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा कोई भी कार्रवाई नहीं की गई।
दोनों क्षेत्र के लोगों को पद्धर में अग्निशमन की सुविधा है जो कि यहाँ से 40 से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जिसके चलते यहाँ होने वाली आगजनी घटना के समय अग्निशमन की गाडी के पहुँचने से पूर्व ही सब कुछ सवा हो जाता है जिससे आगजनी से लाखों का नुक्सान हो जाता है।
दोनों क्षेत्रवासियों सहित नारायण सिंह, श्याम सिंह, वीरेंद्र कुमार, नागपाल व मनसा राम ने सरकार से एक बार फिर से मांग की है कि अग्निशमन केंद्र की सुविधा के लिए केंद्र स्थल बरोट या मुल्थान में स्थापित किया जाए।
द्रंग विधायक पूर्ण चंद ठाकुर का कहना है कि अग्निशमन केंद्र खोलने की मांग जायज़ है। वहीँ बैजनाथ विधायक किशोरी लाल ने कहा कि उनके द्वारा गत वर्ष बजट सत्र के दौरान छोटाभंगाल के मुल्थान में अग्निशमन केंद्र स्थापित करने का मामला उठाया गया था और यहाँ की भौगौलिक परिस्थिति को देखते हुए यहाँ पर अग्निशमन केंद्र स्थापित कर दिया जाएगा।










