प्रदेश का युवा बेरोज़गार, मित्रों को कुर्सियों का अम्बार – अखिलेश  कपूर

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सुरभि न्यूज़

प्रताप अरनोट, कुल्लू

प्रदेश की आर्थिक हालत बिगड़ने के बावजूद कांग्रेस सरकार द्वारा बोर्डों और निगमों में लगातार की जा रही अध्यक्ष–उपाध्यक्ष की नियुक्तियों पर भाजपा ने गम्भीर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अखिलेश कपूर ने कहा कि हिमाचल में बेरोजगारी चरम पर पहुँच चुकी है, लेकिन सरकार अपनी जिम्मेदारियों से मुँह मोड़कर केवल अपने ‘मित्रों’ को कुर्सियाँ बाँटने में व्यस्त है।

उन्होंने बताया कि (एन एस ओ ) की पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जहाँ देश की कुल बेरोजगारी 3.2% है, वहीं हिमाचल की बेरोजगारी 5.4% तक पहुँच चुकी है। युवा बेरोजगारी राष्ट्रीय औसत 14.6% के मुकाबले 29.6% यानी दोगुने से भी अधिक है। ग्रामीण युवा बेरोजगारी 2.4% की तुलना में 29.1% यानी लगभग 12 गुना और शहरी युवा बेरोजगारी 5.4% के मुकाबले 31.3% यानी 6 गुना अधिक दर्ज की गई है।

ऐसे में जब प्रदेश का युवा नौकरी की तलाश में दर-दर भटककर निराश हो रहा है, तब सरकार ने वर्षों से लंबित भर्तियों को शुरू करने के बजाय बोर्डों, निगमों और प्राधिकरणों में अपने खास लोगों के लिए कुर्सियों का अम्बार लगा दिया है।

कपूर ने कहा कि शिक्षा विभाग में 18,000 से अधिक पद खाली हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की भारी कमी है। पीडब्ल्यूडी व आईपीएच में जेई, ऑपरेटर, तकनीकी स्टाफ और फॉरेस्ट गार्ड के हजारों पद वर्षों से रिक्त हैं तथा पुलिस विभाग की भर्तियाँ अटकी पड़ी हैं। परिवहन निगम में चालक–परिचालक और तकनीकी स्टाफ की कमी से सेवाएँ प्रभावित हैं। विद्युत बोर्ड में लाइनमैन व तकनीकी पद खाली पड़े हैं, जबकि चयन आयोग, विश्वविद्यालयों, बोर्डों और निगमों में भर्ती फाइलें सालों से धूल फाँक रही हैं, जो प्रदेश के युवाओं और जनता दोनों के साथ अन्याय है।

कपूर ने कहा कि जब पूरे देश में बेरोजगारी घट रही है, तब हिमाचल में बेरोजगारी का कई गुना बढ़ जाना कांग्रेस सरकार की नाकामी का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह सरकार दिशाहीन हो चुकी है, क्योंकि इसकी प्राथमिकता युवाओं का भविष्य नहीं बल्कि अपने खास लोगों को कुर्सियाँ देना बन गई है, जो प्रदेश के भविष्य के साथ सीधा खिलवाड़ है।

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