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सुरभि न्यूज़, केलांग : जल, भूमि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयास से प्रदेशभर में वाटरशेड महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत यह महोत्सव विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, जल संचयन, मृदा संरक्षण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है।
लाहौल स्पीति की विधायक अनुराधा राणा ने उदयपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत जुण्ड़ा के गांव ओथांग में वाटरशेड महोत्सव के तहत 01 करोड़ 17 लाख 36 हजार रुपए की लागत से किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की आधारशिला रखने के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत ओथांग सिंचाई कूहल के पुनर्निर्माण पर 30 लाख 94 हजार रुपए, यांगथंग कूहल के र्निर्माण पर 9 लाख 50 हजार रुपए, लोमच कूहल के र्निर्माण पर 9 लाख 50 हजार रुपए, जुण्डा -जाहलमा सिंचाई कूहल के र्निर्माण पर 35 लाख, तलजोन गांव के लिए 110 एमएम की पाइप बिछाने पर 9 लाख 50 हजार रुपए, धरना पधर से डुरयाड नाला तक 110 एमएम की पाइपलाइन बेचने पर 9 लाख 50 हजार रुपए सहित लोमच सिंचाई घटक के तहत 225 एमएम पाइपलाइन बिछाने पर 9 लाख 50 हजार की राशि व्यय की जाएगी।
उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान जिले में जल संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम, प्रदर्शनी, जागरूकता रैलियां, किसान गोष्ठियां, तकनीकी कार्यशालाएं तथा वृक्षारोपण गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। इन आयोजनों के माध्यम से किसानों, स्वयं सहायता समूहों, पंचायत प्रतिनिधियों और युवाओं को वाटरशेड विकास कार्यक्रमों की उपयोगिता और दीर्घकालीन लाभों की जानकारी दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि वाटरशेड परियोजनाएं वर्षा आधारित क्षेत्रों में खेती को स्थिरता प्रदान करने, भूजल स्तर सुधारने, भूमि की उर्वरता बढ़ाने तथा ग्रामीण अर्थव्यव्स्था व आजीविका को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने बताया कि सामुदायिक सहभागिता से संचालित ये परियोजनाएं सिंचाई जल संकट से निपटने का प्रभावी समाधान सिद्ध होंगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 29 लाख 40 हजार रुपए की लागत के स्प्रिंकलर सेट जुड़ा पंचायत के विभिन्न गांवों के 131 किसानों को सिंचाई हेतु वितरित किए गए।
वाटरशेड महोत्सव के अंतर्गत सफल परियोजनाओं और नवाचारों को प्रदर्शित किया जा रहा है, ताकि अन्य क्षेत्रों में भी इन्हें अपनाया जा सके, यह संदेश दिया जा रहा है कि सतत विकास के लिए जल, जंगल और जमीन का संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
इस दौरान पूर्व जिला अध्यक्ष ज्ञालछन ठाकुर, जिला परिषद अध्यक्ष वीना देवी, खंड विकास अधिकारी डॉ विवेक गुलेरिया, जिला परिषद सदस्य छेजांग डोलमा, बीडीसी चेयरमैन वीपिन, टी ए सी सदस्य सुशील, प्रधान छिमे आंगमो, प्रधान कृष्णा, प्रधान शिल्पा, बीडीसी सदस्य प्रोमिला, बी डी सी सदस्य दिनेश सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वहीं इस मौके पर साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।












