सोसायटी फॉर रूरल डेवेल्पमेंट एंड एक्शन समाज सेवी संस्था किसानों की आर्थिक व स्वास्थय स्थिति सुधारने में जुटी

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सुरभि न्यूज़

ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट

जिला मंडी की चौहार घाटी में सोसायटी फॉर रूरल डेवेल्पमेंट एंड एक्शन समाज सेवी संस्था थल्टूखोड ने किसानों की आर्थिक व स्वास्थय स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। संस्थान ने अपने क्षेत्र में लोगों के स्वास्थय व आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए संगठन के माध्यम से जापानी फल की प्रजाति फियु के 2150 पौधे लगवाए गए।

संस्था के प्रमुख अमर सिंह कौंडल ने जानकारी देते हुए बताया कि गत कई वर्षों से संस्था ने अब तक विकास खंड द्रंग में विभिन्न संगठनों के माध्यम से टिक्कर, रोपा, डलाह, उरला, ग्वाली,  वरधान, लपास व बरोट आदि आठ पंचायतों के तरैला, रवालंग, बल्ह, टिक्कर, रोपा, दरूण, शगनाल, कोठी, बाड़ी, कटिपरी, गवली, मुशवाहण, लचकंढी, कढीयाण, गलू व तरवाण आदि 16 गाँवों में 2150 फलदार पौधों का रोपण किया। संस्थान ने द्रँग क्षेत्र के लोगों की आर्थिक व स्वास्थय स्थिति में सुधार लाने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संस्थान का मूलउद्देश्य लोगों कों संगठित होकर कार्य करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि कार्यक्रम के परिणाम बेहतर व दीर्घकालीन हो। लोग संगठन के माध्यम से ऐसा कार्य करें जिसमें पर्यावरण का सुधार हो। लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो। लोग संगठित रहे। लोगों की कृषि कार्य में और भी रुचि ब बढ़ें। संस्था द्वारा प्रोत्साहन करने पर द्रंग क्षेत्र के किसान कई मुश्किलों का सामना करते हुए कृषि कार्य के प्रति उदासीनता दिखा रहे हैं। यह देश हित में बहुत बड़ी बाधा है। संस्थान इस तरह के कार्यक्रम इसलिए भी कर रही है ताकि किसानों की कृषि कार्य के प्रति रुचि बढ़े।

कार्यक्रम संचालक सोबर दत्त ने विभिन्न गांव में पौधे वितरित करते हुए उन्हें पौधारोपण में किन – किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है । लोगों को संगठित होकर पौधरोपण करने की गहन जानकारी दी। किसानों को अपनी प्रकृति की रक्षा क्योंऔर कैसे करनी है ?

कार्यक्रम संचालक ने बताया कि लोगों के बिखरे खेत व खेतों का आकार छोटा होना बहुत बड़ी समस्या है। कुछ ऐसे भी खेत है जिसमें एक पौधा भी नहीं लग सकता। ऐसे में सरकार को शीघ्रातिशीघ्र बंदोबस्त करवा कर लोगों के खेत इकट्ठे कर पाना बेहद आवश्यक हो गया है ताकि अपने – अपने इकट्ठे खेतों में किसानों द्वारा बेहतर कार्य किया जा सके।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला मंडलों, युवकों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोगों तथा संस्था कार्यकर्ता आरती ठाकुर व राजूराम का विशेष सहयोग रहा।

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