सुरभि न्यूज़
बालीचौकी, कुल्लू
जिला कुल्लू के बंजार घाटी की 24 कोटि सराज के मुख्य द्वार लारजी में तीन दिवसीय ऐतिहासिक मेले में कोठी बूंगा आराध्य देव, श्री बड़ा छमाहूँ, पलदी छमाहुं, खनी छमाहूं, धामनी छमाहूंं तथा देवी तोतला माता के देव रथों के साथ सेंकड़ो श्रद्धालु घाटी की संस्कृति और देव आस्था का संगम बने। इस ऐतिहासिक मेले में दूर दूर से आए भक्तजनों ने देव दर्शन कर के आशीर्वाद लिया।पारंपरिक वाद्यों यंन्त्रों, दर्जनों देवयंत्र ढोल नगाड़ों की थाप, रणसिंघा, करनाल और शहनाई की सुरीली धुन से ऐतिहासिक लारजी मेले का माहौल भक्तिमय हो गया।
स्थानीय वरिष्ठ नागरिक व प्रबुद्धजनों का कहना है कि ये ऐतिहासिक मेला सदियों से सराज घाटी की संस्कृति की पहचान रहा है। हर साल आराध्य देव श्री बड़ा छमाहूँ व धामनी छमाहूंं के सानिध्य में आयोजित होता है। वैसे तो ये ऐतिहासिक मेला हस्तशिल्प से बनाए गए मिट्टी के वर्तन, जैसे घड़ा, सुराही, आदि अन्य मिट्टी के वर्तन, ऊनी वस्त्र बैठने के शैले, हिमाचली व्यंजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम होती हैं।
इस तीन दिवसीय मेले में दूसरे अन्य गांव से महिला मंडल व युवक मंडल अपनी पुरातन वेशभूषा पहन कर कुल्लवी नाटी डालते हुए देव नृत्य में बढ़ चढ़ कर का भाग लेकर खूब आनंद लेते है। इलाके के प्रबुद्धजन कारदार भाद्र सिंह, लोत राम महंत, शेर सिंह, महंत अमर सिंह महंत, रिटायर पुलिस निरीक्षक निधि सिंह दरोगा, पूर्व इंस्पेक्टर पुलिस लाल सिंह महंत, लाल सिंह दरोगा, पालसरा, पवन महंत, पालसरा दीपक (दीपी), सोहन सिंह महंत, रबिंद्र महंत, मोती महंत, टेक सिंह महंत व भोला राम महंत ने बताया कि तीन दिनों तक देव दर्शन के साथ साथ सांस्कृतिक नाटी का आयोजन किया गया।
प्रशासन ने भी सुरक्षा ओर यातायात व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए है, ताकि आमजनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूर्व प्रधान डोला सिंह महंत, गुड्डू राम, पूर्व प्रधान कांता महंत और महिला मंडल लारजी प्रधान मति लीला महंत ने पुलिस विभाग और उप मंडल अधिकारी बंजार प्रशासन का सहयोग के लिए धन्यवाद किया है।












