सुरभि न्यूज़
छविन्द्र शर्मा, आनी
डॉ. मुकेश कुमार ने वर्तमान पंचायती चुनावों को लेकर मतदाताओं से जागरूक और समझदारी से मतदान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आज चुनावी माहौल में प्रचार का शोर इतना बढ़ गया है कि असली मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं। गाँव की गलियों, चौपालों और सभाओं में बड़े-बड़े वादे किए जा रहे हैं, लेकिन जनता आज भी असमंजस में है कि सही उम्मीदवार कौन है।
उन्होंने कहा कि चुनाव केवल किसी व्यक्ति को जिताने का माध्यम नहीं, बल्कि पूरे गाँव के भविष्य का निर्णय होता है। एक गलत चुनाव गाँव को पाँच साल पीछे धकेल सकता है, जबकि सही नेतृत्व गाँव को विकास और नई दिशा दे सकता है।
डॉ. मुकेश कुमार के अनुसार आज सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई उम्मीदवार केवल भाषण और वादों तक सीमित हैं। जनता रिश्तेदारी, दबाव और व्यक्तिगत संबंधों के बीच उलझ जाती है और वास्तविक विकास का मुद्दा पीछे रह जाता है। ऐसे समय में मतदाताओं को भावनाओं में नहीं, बल्कि समझदारी और विवेक से निर्णय लेना चाहिए।
उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि उम्मीदवार का चयन करते समय उसके व्यवहार और पिछले कार्यों को अवश्य देखें। जो व्यक्ति जनता की समस्याओं को समझे, हर समय लोगों के लिए उपलब्ध रहे तथा बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विकास की बात करे, वही सही जनप्रतिनिधि कहलाने योग्य है।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता को उम्मीदवार से पिछले पाँच वर्षों का हिसाब मांगने का पूरा अधिकार है। केवल वादों पर विश्वास करने के बजाय उसके कार्यों और पूरी टीम की कार्यशैली को परखना चाहिए। पंचायत का विकास अकेला व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी ईमानदार और कर्मठ टीम मिलकर करती है। डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि आज का जागरूक मतदाता ही मजबूत पंचायत और विकसित समाज की पहचान है। यदि जनता सोच-समझकर मतदान करेगी, तभी गाँव विकास की राह पर आगे बढ़ सकेगा।
अंत में उन्होंने सभी मतदाताओं से अपील करते हुए कहा कि वोट किसी दबाव, लालच या भ्रम में आकर नहीं, बल्कि अपने गाँव और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को ध्यान में रखकर दें। आँख बंद करके नहीं, आँख खोलकर वोट दें। सोच-समझकर किया गया मतदान ही सशक्त गाँव की नींव है।












