सुरभि न्यूज़ कुल्लू। फोटो मतदाता सूचियां-2022 के विशेष पुनरनिरीक्षण के संबंध में आज यहां सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता (स्वीप) कोर समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त शिवम प्रताप सिंह ने की। शिवम प्रताप सिंह ने कहा कि ‘‘मजबूत लोकतंत्र-सबकी भागीदारी’’ के उद्देश्य की पूर्ति के लिए सुव्यवस्थित मतदाता शिक्षा एवं निर्वाचक सहभागिता कार्यक्रम, स्वीप को जिला में एक अभियान की तर्ज पर चलाया जाएया। यह भारत में मतदाता शिक्षा, मतदाता जागरूकता का प्रचार-प्रसार करने एवं मतदाता की जानकारी बढ़ाने के लिए एक प्रमुख कार्यक्रम है। स्वीप का प्रमुख लक्ष्य निर्वाचनों के दौरान सभी पात्र नागरिकों को मत देने और जागरूक निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित करके भारत में सही मायनों में सहभागी लोकतंत्र का निर्माण करना है। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि पहली जनवरी 2022 को 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवाओं का नाम मतदाता सूचियों में शामिल करने के लिए पहली नवम्बर से 30 नवम्बर 2021 तक अभियान चलाया जाएगा। जिला व उपमण्डल स्तर पर नये वोट बनाने तथा मतदान के प्रयोग के बारे में जागरूता उत्पन्न की जाएगी। इसमें निर्वाचन से जुड़े समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों, पंचायती राज संस्थानों तथा मीडिया का सहयोग लिया जाएगा। स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों के वोट बनाने पर विशेष फोक्स रहेगा। कॉलेजों में बूथ स्तर के अधिकारियों के माध्यम से वोट बनाने के फॉर्म उपलब्ध करवाए जाएंगे। नेहरू युवा केन्द्र का सहयोग भी लिया जाएगा। अक्तूबर माह में नेहरू युवा केन्द्र नुक्कड़ व नाटकों के माध्यम से जागरूकता शिविरों का आयोजन करेगा। इसके अलावा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी ताकि सभी पात्र युवा अपना फोटो पहचान पत्र बनवाए। शिवम प्रताप सिंह ने कहा कि अभियान के दौरान दोहरे मतदाताओं व अपात्र मतदाताओं का पता लगाकर उनका नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए रिटर्निंग व सहायक रिटर्निंग अधिकारियों को कहा गया है। ये अधिकारी जिला में नेहरू युवा केन्द्र व महिला मण्डल के स्वयं सेवियों को फोटो पहचान पत्र बनवाने के संबंध में प्रशिक्षण भी प्रदान करेंगे। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का नाम भी मतदाता सूची में होना जरूरी है, इसकी भी तहकीकात करने का कार्य किया जाएगा। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि मतदाता जागरूकता में मीडिया की भूमिका अहम् है। संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए केबल टीवी, समाचार पत्रों, आउटडोर विज्ञापनों तथा इंटरनेट का समुचित उपयोग करने की जरूरत पर बल दिया। इसके अलावा, स्थानीय मेलों व त्यौहारों, विशेष मौकों पर, स्ट्रीट ड्रामा, कार्यशालाएं व कॉलर ट्यून के जरिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा। फ्लैक्स, बैनर्ज, पैम्फलेट्स, पोस्टर्ज इत्यादि का जागरूकता के लिए उपयुक्त प्रयोग किया जाएगा।
2021-09-10










