चौहर घाटी के डाक्टर भागचंद ठाकुर 30 वर्ष शिक्षा विभाग में सेवाएं देने के बाद हुए सेवानिवृत

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सुरभि न्यूज़

खुशी राम ठाकुर, बरोट

डाक्टर भागचंद ठाकुर का जन्म जिला मंडी के दुर्गम चौहार घाटी में स्थित गाँव काम्पन डाकघर सुधार तहसील पद्धर में पिता स्वर्गीय राम चंद तथा माता स्वर्गीय डागण देवी के घर मे 24 फरवरी 1966 में हुआ है। डाक्टर भाग चंद ठाकुर अपने छः भाई बहनों में से सबसे छोटे हैं।

डाक्टर भाग सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सुधार के प्राथमिक पाठशाला में की। सुधार में मिडल स्कूल न होने के कारण वे 25 किलोमीटर पैदल चलकर राजकीय माध्यमिक पाठशाला उरला में छठी कक्षा में दाखिल हुए। जब वे सातवीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे थे तो सुधार स्कूल मिडल स्कूल बना तो फिर वापिस सुधार स्कुल गली पढ़ाई पूरी करने के लिए दाखिल हुए। उसके बाद सुधार हाई स्कूल से उन्होंने दसवीं की पढ़ाई मार्च 1982 में पूरी की।

आगे की पढ़ाई के लिए मंडी महाविद्यालय में दाखिला लिया। उन्होंने मंडी से बीए करने के बाद वर्ष 1989 में राजनीति शास्त्र एमए हिमाचल विश्व विद्यालय से प्रथम स्थान प्राप्त में की। उसके बाद वर्ष 1990 में एमफिल तथा वर्ष 1993 में पीएचडी की डिग्री हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी से प्रो० गोपाल सिंह के गाइडैन्स में पूरी की।

उन्होंने बताया कि वे इस अपनी कामयावी का श्रेय सभी गुरूजनों, माता-पिता, भाई-बहन, परिवार के सभी सदस्यों, मित्रों तथा विशेषकर उनकी पत्नी रुकमणी ठाकुर को देते हुए उन सभी का धन्यवाद भी करते हैं। डाक्टर भाग चंद ठाकुर ने बताया कि उनका विवाह मात्र 16 वर्ष की आयु में 1982 में पारिवारिक परिस्थितियों के कारण रुकमणी ठाकुर से हो गया था तथा 1982 में ही दसवीं की परीक्षा देने के लिए हाई स्कूल भराडू में गए। जब उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई पूरी हुई तो उनके तीन बच्चे हो चुके थे।

जिनमें से जय प्रकाश ठाकुर जो कि अब जोगिन्द्र नगर में एच डी एफ सी में मैनेजर है। बेटी जयवंती एचपीयू से एमफिल फिजिक्स है और वर्तमान में हरिपूर मनाली में टीजीटी नोन मेडिकल के पद पर कार्यरत है। उनका दामाद डाक्टर तिलक राज संस्कृत कालेज सुन्दर नगर में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर है। छोटा बेटा डाक्टर नारायण सिंह ठाकुर जिन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ से बोटनी में पीएचडी की है, वर्तमान में साईं यूनिवर्सिटी सुन्घल पालमपुर में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर पढ़ा रहे हैं। डाक्टर नारायण सिंह ठाकुर बहुत जल्द ही डाक्टर शिवानी से वैवाहिक बन्धन में बंधने जा रहे हैं।

डाक्टर भाग चंद ठाकुर ने बताया कि टीचिंग करियर प्राईवेट कोलेज नरवा जिला शिमला से वर्ष 1993 में शुरू किया तथा सरकारी क्षेत्र में बतौर स्कूल लेक्चरर जोगिन्द्र नगर में सेवाएं दी। उसके बाद एच पी पब्लिक सर्विस कमीशन पास कर राजकीय महाविद्यालय पालमपुर में वर्ष 1997 में राजनीति शास्त्र के प्राध्यापक क्लास वन गज़ेटीड के रूप मे नियुक्ति हुए। उसके बाद राजकीय महाविद्यालय जोगिन्द्र नगर, धर्मपुर, कुल्लू तथा वर्तमान में गत सात वर्षों से राजकीय महाविद्याल मुल्थान में कार्यरत रहे और आज 29 फरवरी को सेवानिवृत हो रहे हैं।

उनका मानना है कि टीचिंग से अच्छ प्रोफेशन दूसरा कोई नहीं हो सकता है। उनके पढाए हुए बच्चे समाज के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों की सेवा कर समाज तथा राष्ट्र की उन्नति को शिखर पर ले जा रहे हैं। अंत में उनका यह भी मानना है कि इस लंबी यात्रा में जहां उन्होंने अपने प्रिय लोगों को खोया वहीँ बहुत सारे नए लोग भी जुड़े, जिनमें उनकी प्रिय पोती नव्या ठाकुर तथा दहोता ध्रुव ठाकुर शामिल है।

सेवानिवृति के सुअवसर पर उनके परिवार ने वीरवार को कालेज़ के बच्चो, स्टाफ, सगे सम्बन्धियों तथा मित्रगणों के लिए महाविद्यालय मुल्थान में धाम का आयोजन किया। उन्होंने वीरवार की शाम को उनके काम्पन गाँव में आराध्य देव हुरंग नारायण तथा देव पशाकोट को आमंत्रित किया जिसके चलते दोनों देवता उन्हें तथा उनके परिवार को आशीर्वाद देंगे। उन्होंने कहा कि पहली मार्च को गाँव में देव जातर कर मंडी शिवरात्रि उत्सव को प्रस्थान करेंगे वहीँ वे अन्य संस्थाओं से भी जुडकर समाज सेवा के पवित्र कार्य योगदान देने रहेंगे। डाक्टर भागचंद ठाकुर रोटरी क्लब व सेवानिवृत कर्मचारी संघ बरोट जोगिन्द्र नगर, चौहार घाटी तथा छोटाभंगाल के भी सक्रीय सदस्य है।

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