छोटाभंगाल के लोगों के लिये आजादी के 78 साल बाद भी एम्बुलेंस की सुविधा नहीं जुटा पाई कोई भी सरकार

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सुरभि न्यूज़

खुशी राम ठाकुर, बरोट

दूर दराज दुर्गम क्षेत्र छोटाभंगाल के लोगों की एम्बुलेंस सुविधा की मांग कई वर्षों से चली आ रही है, मगर आजादी के 78 साल बाद कोई भी सरकार एंबुलेंस की सुविधा नहीं दिला पाई है जिससे लोगों में सरकार तथा स्वास्थ्य विभाग से भरी रोष है।

जिला परिषद सदस्य पवना देवी ने बताया कि छोटाभंगाल में सात पंचायतों में 33 गाँवों के लगभग 9500 लोगों की स्वास्थय सुविधा के लिए कोठी कोहड़ व लोहारडी में प्राथमिक स्वास्थय केन्द्र तथा नलहौता तथा दयोट में आयुर्वैदिक स्वास्थय केन्द्र स्थापित किए गए हैं मगर इन स्वास्थय केन्द्रों में लोगों की सुविधा के लिए सरकार की ओर से आजतक कोई भी सरकारी एम्बुलेंस सुविधा जुटा नहीं पाई है। स्थानीय 7 पंचायतों के निवासी सरकार तथा प्रशासन से सरकारी एम्बुलेंस की मांग कई वर्षों से करते आ रहे है मगर इस क्षेत्र में सरकारी एम्बुलेंस सुविधा जुटाने में सरकार आजतक पूरी तरह आनाकानी करती आ रही है।

पवना देवी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व एक सरकारी एम्बुलेंस की मंजूरी मिल गई थी मगर वह एम्बुलेंस आजतक नहीं मिल पाई है। सरकार द्वारा यह प्रतिक्रया दी जा रही है कि इस एम्बुलेंस के लिए स्थानीय लोगों को ही चालक मुहैया करवाना पड़ेगा उसके बाद ही एम्बूलेंस को भेज दी जाएगी। सरकार का कहना है कि जब तक एम्बुलेंस का चालक स्थानीय लोगों की ओर से मुहैया नहीं करवाया जाता है तब तक एम्बुलेंस की सुविधा नहीं दी जा सकती है।

पवना देवी ने बताया कि सरकार के कहने के अनुसार जन कल्याण सभा के प्रदेशाध्यक्ष चुनी लाल के माध्यम से एम्बुलेंस को चलाने के लिए चालक का प्रावधान भी कर दिया गया है मगर उसके बाद भी सरकार एम्बुलेस भेजने के लिए आनाकानी कर रही है। जिस कारण जिला परिषद सदस्य पवना देवी तथा जन कल्याण सभा के प्रदेषाध्यक्ष चुनी लाल तथा घाटी के समस्त लोग सरकार के प्रति बेहद खफा है।

पवना देवी ने सरकार पर आरोप लगाया है कि इस दुर्गम घाटी के साथ बड़ा ग्रां, कोठी कोहड़, धरमाण, मुल्थान, लोआई, स्वाड़ तथा पोलिंग पंचायतों के लोगों के साथ बिल्कुल सौतेला व्यवहार कर रही है। लोगों द्वारा एम्बुलेंस के लिए चालक देने के बाद भी सरकार एम्बुलेंस नहीं भेज रही है। इस दुर्गम घाटी के लोगों के लिए इससे बड़ी विडम्बना और क्या हो सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें गत तीन वर्षों से झूठे प्रलोभन दे रही है।

घाटी के लिए एम्बूलेस की सुविधा न होने से बीमार लोगों को दूसरे जिला मंडी की चौहार घाटी में स्थित सामुदायिक स्वास्थय केन्द्र बरोट की सरकारी एम्बुलेंस का सहारा लेना पड़ रहा है। जिस कारण घाटी के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पवना देवी ने कहा कि घाटी के केन्द्र स्थल मुल्थान में एक विशेष कार्यक्रम में पधारे पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी सार्वजनिक मंच के माध्यम से घाटी के लिए एम्बुलेंस देने की घोषणा की थी मगर उनकी घोषणा भी मात्र घोषणा तक ही सिमट कर रह गई है। गत कोरोना काल में कई लोग एम्बूलेंस की सुविधा न होने से कई लोग बैमौत मारे गए है।

उन्होंने कहा कि अगर घाटी में पहले से ही एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने कहा कि जिस एम्बुलेंस के लिए आर्डर दे रखा है वह अभी भी टाटा शौरूम में ही खड़ी हुई है।

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