सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 07 नवम्बर
भाषा एवं संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश जिला कुल्लू द्वारा पहाड़ी सप्ताह के उपलक्ष्य पर देव सदन में भाषण, निबंध, मुहावरा लोकोक्तियां लेखन व स्थानीय पहेलियां लेखन प्रतियोगिताओं का आयोजन 6 नवम्बर को करवाया गया।
इन प्रतियोगिताओं में जिले की 21 पाठशालाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रीय गीत के साथ किया गया।
कार्यक्रम में जिला कुल्लू की सहायक आयुक्त डॉक्टर जयवंती ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में पधार कर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। उन्होंने बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि पहाड़ी सप्ताह को मनाने का उद्देश्य है अपनी मातृभाषा व उससे जुड़े संस्कारों व संस्कृति से जुड़े रहना पहाड़ी भाषा में हमारी जड़े हैं और हम अपनी जड़ों से जुड़कर ही अपने प्रदेश – देश का विकास विश्व स्तर पर कर सकते हैं। वर्तमान समय में विद्यार्थी बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं, तकनीकी के युग में अपना मनपसंद व्यवसाय चुन सकते हैं, इसलिए वहीं चुने जिससे आपको आंतरिक खुशी मिलती हो ,किसी के दबाव में आकर अपना स्वास्थ्य खराब न करें ,साथ में उन्होंने बच्चों को गलत संगत से बचने का संदेश भी दिया।
प्रतियोगिताओं में भाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रिद्धिमा ठाकुर दसवीं कक्षा की छात्रा एल. एम. एस. स्कूल ढालपुर।
द्वितीय पुरस्कार कृतिका के.वी.एस स्कूल कुल्लू तथा तृतीय पुरस्कार चांदनी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कन्या कुल्लू ने प्राप्त किया।
पहेली लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार स्नेहा ठाकुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुंतर, द्वितीय पुरस्कार अनुष्का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मौहल तथा तृतीय पुरस्कार देवयानी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला काईस ने प्राप्त किया।
मुहावरा व लोकोक्तियां लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रिया ठाकुर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पीज, द्वितीय पुरस्कार ओम कश्यप राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल ढालपुर तथा तृतीय पुरस्कार नव्या राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुंतर ने हासिल किया।
निबंध लेखन प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार रिद्धिमा कुल्लू कान्वेंट स्कूल कुल्लू, द्वितीय पुरस्कार पूनम राणा साइं स्टार स्कूल कुल्लू तथा तृतीय पुरस्कार अनन्या राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मौहल ने हासिल किया।
इन सभी प्रतियोगिताओं में निर्णायक के रूप में जिला कुल्लू के साहित्यकार डॉक्टर सूरत ठाकुर पहाड़ी भाषा विशेषज्ञ एवं सेवा निवृत प्राध्यापक संगीत, डॉ दयानंद गौतम सेवानिवृत प्राध्यापक हिंदी तथा डॉ उरसेमलता प्राचार्या राजकीय महाविद्यालय पनारसा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉक्टर रिपू दमन द्वारा मंच संचालन तथा पल्लवी ठाकुर द्वारा विद्यार्थियों को पहाड़ी बोली में लिखने व बोलने के लिए प्रेरित किया।
जिला भाषा अधिकारी कुल्लू प्रोमिला गुलेरिया द्वारा मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल व विभिन्न पाठशालाओं से आए हुए अध्यापक अध्यापिकाओं व कार्यक्रम में मौजूद अन्य गणमान्य तथा विद्यार्थियों का धन्यवाद किया। उन्होंने अपनी पहाड़ी बोली का रोजमर्रा के जीवन में अधिक से अधिक प्रयोग करने की अपील की और कहा कि इससे नई पीढ़ी का भी अपनी बोली के प्रति रुचि और जानकारी बढ़ेगी। अंत में राष्ट्रीय गान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।












