सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 29 नवम्बर
साम्फिया संस्था की निदेशक श्रुति भारद्वाज दिव्यांगता के क्षेत्र में आश बाल विकास केंद्र, थेरेपी ऑन व्हील्स, प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र तथा समावेश कार्यक्रम के माध्यम से स्पेशल बच्चों को सुविधा दे रही है जिसके तहत 2019 से आज तक सैकड़ों बच्चों को लाभ मिल चुका है।
साम्फिया के कार्यक्रम प्रबंधक बीजू हिमदल ने मिडिया को जानकारी देते हुए बताया कि दिव्यांगता के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने के लिए कुल्लू जिला की श्रुति भारद्वाज को राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। दिल्ली के विज्ञान भवन में उन्हें देश के राष्ट्रपति के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। आश बाल विकास केंद्र, जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र, थेरेपी ऑन व्हील्स जैसे विभिन्न कार्यक्रम संस्था के ओर से करवाए जा रहे है और स्पेशल बच्चे जो अपने रोजमर्रा के कार्य करने में सक्षम नहीं है, उनकी थेरैपी संस्था द्वारा करवाई जाती है।
संस्था की निदेशक श्रुति भारद्वाज ने बताया कि 2012 से उन्होंने इस काम की शुरुआत की थी और 2019 से थेरेपी की सुविधा शुरू की थी जिससे अब तक कुल्लू जिला में दिव्यांगता के क्षेत्र में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि आश बाल विकास केंद्र के माध्यम से अब तक 1400 बच्चे उनके सेंटर में आ चुके हैं। वहीं गत वर्ष 84 बच्चों ने आश बाल विकास केंद्र में थेरैपी का लाभ लिया है तथा घाटी में 76 बच्चे थेरेपी ऑन व्हील्स के माध्यम से सुविधा ले रहे है।
उन्होंने कहा कि कुल्लू में पहले इस तरह की सुविधाएं नही थी लेकिन अब संस्था के माध्यम से बहुत से ऐसे बच्चे है, जो थेरेपी लेकर अपने सामान्य जीवन जी रहे है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय मे संस्था और भी कार्य इस क्षेत्र में करेगी। वही संस्था के 6 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में समावेश उत्सव भी मनाया जाएगा।











