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सुरभि न्यूज़
केलांग, 15 जनवरी
जिला स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक आज उपायुक्त कार्यालय, केलांग के सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपमंडलाधिकारी एवं कार्यवाहक उपायुक्त लाहौल-स्पीति कुनिका एकर्स ने की। बैठक का उद्देश्य जिले में बाल संरक्षण एवं कल्याण से संबंधित योजनाओं की समीक्षा, समन्वय एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना रहा। बैठक के आरंभ में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, केलांग डॉ. हीरा नंद ने सभी उपस्थित सदस्यों का स्वागत किया तथा बैठक के एजेंडे पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
बैठक में मिशन वात्सल्य के अंतर्गत किशोर न्याय अधिनियम से जुड़े कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें किशोर न्याय, देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले से संबंधित योजनाएं शामिल रहीं। इसके अतिरिक्त बेसहारा बच्चों के लिए एकीकृत कार्यक्रम तथा शिशु गृहों को दी जाने वाली सहायता योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
जिला बाल संरक्षण इकाई, बाल कल्याण समिति, किशोर न्याय बोर्ड व विशेष किशोर पुलिस इकाई की भूमिका एवं कार्यों के साथ-साथ चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री सुख-आश्रय योजना पर विशेष चर्चा की गई। साथ ही पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना, संस्थागत सेवाएं जैसे बाल देखभाल संस्थान, क्रैडल बेबी रिसेप्शन सेंटर तथा गैर-संस्थागत सेवाएं जैसे प्रायोजन एवं आफ्टरकेयर सेवाओं की समीक्षा की गई।
इसके अतिरिक्त POCSO अधिनियम एवं बाल श्रम से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई, जिसमें अवगत कराया गया कि वर्तमान में जिले में बाल श्रम से संबंधित कोई प्रकरण नहीं है। आगामी पर्यटन एवं ग्रीष्मकालीन सत्र को ध्यान में रखते हुए बाल संरक्षण हेतु विशेष जागरूकता एवं रोकथाम कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
आउटरीच गतिविधियों के अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा 12 जनवरी 2026 से लाहौल के विभिन्न क्षेत्रों में बाल तस्करी के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। समिति ने संबंधित संस्थानों को टास्क फोर्स समिति गठित कर नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने तथा समय-समय पर जिला मजिस्ट्रेट को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त बी आर ओ, लोक निर्माण विभाग, जल शक्ति विभाग एवं पुलिस विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर श्रमिकों के पंजीकरण तथा जिले में किसी भी रूप में बाल श्रम की रोकथाम सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
बैठक में उपमंडलाधिकारी एवं कार्यवाहक उपायुक्त कुनिका एकर्स ने निर्देश दिए कि देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों से संबंधित किशोर न्याय कार्यक्रमों का प्रभावी, संवेदनशील एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में बच्चों की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाए तथा त्वरित कार्रवाई, अंतर-विभागीय समन्वय एवं सूचना अभिसरण को प्राथमिकता दी जाए। डीएसपी रश्मि शर्मा ने समिति को पुलिस विभाग की ओर से पूर्ण सहयोग एवं समन्वय का आश्वासन दिया।
बैठक में बाल कल्याण समिति के सदस्य हीरा लाल एवं देचेन , बीडीओ डॉ. विवेक गुलेरिया, उप निदेशक शिक्षा रमेश कुमार, संरक्षण अधिकारी जोगिंदर तथा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।










