चौहार घाटी के सात पंचायत के 15 गाँवों के बागवानों ने जापानी फल के रौपे 1700 पौधे  

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सुरभि न्यूज़

ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट

चौहार घाटी के थल्टूखोड़ में स्थित सोसायटी फॉर रूरल डेवेल्पमेंट एंड एक्शन (एसआरडीए) समाजसेवी संस्था जिला मंडी के 15 गांव की आर्थिक व स्वास्थय व आर्थिकी स्थिति सुधारने में जुटी हुई है। संस्थान द्वारा अपने क्षेत्र में लोगों के स्वास्थय व आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करते हुए संगठन के माध्यम से फलदार पौधे लगवाए गए।

संस्थान द्वारा जापानी फल की प्रजाति फियु के 1700 पौधे लगवाए गए। संस्था प्रमुख अमर सिंह कौंडल ने मीडिया को बताया कि संस्थान द्वारा विकास खंड द्रंग में विभिन्न संगठनों के माध्यम से सात ग्राम पंचायत के 15 गाँवों में 1700 फलदार पौधे लगवाए गए। संस्थान द्वारा अपने क्षेत्र के लोगों की आर्थिक व स्वास्थय स्थिति में सुधार करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संस्थान का मूल उद्देश्य है के लोग संगठित होकर कार्य करें ताकि कार्यक्रम के परिणाम बेहतर व दीर्घकालीन हो। लोग संगठन के माध्यम से ऐसा कार्य करें जिसमें पर्यावरण का सुधार के साथ लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके। लोगों की कृषि कार्य में रुचि बढे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसान कई मुश्किलों का सामना करते हुए कृषि कार्य के प्रति उदासीनता दिखा रहे हैं। यह देश हित में बहुत बड़ी बाधा है। संस्थान इस तरह के कार्यक्रम इसलिए भी कर रही है ताकि किसान वर्ग की कृषि कार्य के प्रति और भी रुचि बढ़े।

कार्यक्रम संचालक सोबर दत्त ने विभिन्न क्षेत्र के विभिन्न गाँवों में पौधे वितरित करते हुए उन्हें पौधारोपण में किन-किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है उनके बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया। लोगों को संगठित होकर पौधरोपण करना क्यों जरूरी है इसके बारे में भी समझाया। यह भी चर्चित किया गया कि हमें अपनी प्रकृति की रक्षा क्यों और कैसे करनी है इसके बारे में भी लोगों को जागरुक किया गया।

इस दौरान लोगों के साथ कार्य करते हुए कार्यक्रम संचालक ने महसूस किया कि लोगों के बिखरे खेत व खेतों का आकार छोटा होना बहुत बड़ी समस्या है ऐसे भी खेत है जिसमें एक पौधा भी नहीं लग सकता। ऐसे में किसान करे तो करे क्या। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संस्था द्वारा गाँववासियों के साथ संपर्क करने के दौरान गाँववासियों द्वारा ज्यादातर यह मांग उठाया गया कि सरकार शीघ्र अति शीघ्र बंदोबस्त करवा कर लोगों के खेत इकट्ठे करें ताकि अपने – अपने जमीन के इकट्ठे टुकड़ों में आसानी से खेतीबाड़ी का बेहतर कार्य कर सके।

इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महिला मंडलों, युवक मंडलों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, क्षेत्र के बुद्धिजीवी लोगों तथा संस्था कार्यकर्ता आरती ठाकुर व राजूराम का विशेषरूप से सहयोग रहा।

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