मुख्यातिथि सुरेंद्र चौहान ने कहा कि महिलाएं आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही है। ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है जहां पर महिलाओं ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित न की हो। महिलाएं जो कहती है वो करके दिखाती है। सरकारों ने अनेकों कानूनों को लागू किया है ताकि महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा हो सके। लेकिन आज भी समाज में महिलाओं के प्रति उत्पीड़न के मामले हर रोज सामने आते है। प्रदेश सरकार महिलाओं के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याण कारी योजनाएं लागू कर चुका है। हर महिला को योजनाओं के बारे में जानकारी होना जरूरी है। महिलाओं को अपने खिलाफ हो रहे अन्याय पर चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अन्याय के खिलाफ लड़ना चाहिए।
महिला आयोग की सदस्य रीना दरोच ने समाजिक न्याय को लेकर विस्तृत जानकारी रखी। इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरवीर सिंह ठाकुर ने महिला उत्पीड़न के खिलाफ जुड़े कानूनों के बारे में जानकारी रखी। वही जिला कार्यक्रम अधिकारी डा तहसीम ने स्वास्थय विभाग की ओर से महिलाओं के कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं के बारे में जानकारी रखी। जिला कार्यक्रम अधिकारी आईसीडीएस ममता पाॅल ने वन स्टाॅप सेंटर के बारे में जानकारी दी। लाॅ आफिसर यशपाल शर्मा ने महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनों के बारे में सूचना रखी।
महिला आयोग की सदस्य सचिव बुश्रा अंसारी ने अपने स्वागत भाषण में आयोग के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों की संक्षिप्त जानकारी रखते हुए कहा कि प्रदेश भर में महिलाओं के अधिकारों और महिलाओं के जुड़े कानूनों के लेकर प्रभावी तरीके से कार्य किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उप महापौर उमा कौशल, पार्षद सुषमा कुठियाला, पार्षद विनोद भाटिया सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।










