सुरभि न्यूज़
ख़ुशी राम ठाकुर, बरोट
प्रदेश सरकार द्वारा स्कूल व कालेज को मर्ज करने की प्रक्रिया चलाई गई है जिसके चलते दुर्गम क्षेत्र छोटाभंगाल व चौहार घाटी के बच्चों की शिक्षा के लिए खोले गए महाविद्यालय मुल्थान का नाम भी चर्चा में है। सरकार के इस फैसले का दोनों क्षेत्र के अभिभाकों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। सरकार को दुर्गम क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए बढ़ावा देना चाहिए था मगर यहां तो उल्टा ही हो रहा है जिससे दोनों क्षेत्र के लोगों में भारी रोष ब्याप्त है। लोगों ने इसे बेहद दुर्भाग्य पूर्ण करार दिया है।
मुल्थान पंचायत की प्रधान दुर्गेश कुमारी तथा देव गहरी महिला मंडल दयोट की प्रधान कुष्मा देवी का कहना है कि पूर्व सरकार ने चौहार घाटी तथा छोटाभंगाल के लिए एक आईटीआई संस्थान खोलने की घोषणा हुई थी तथा कैबिनेट से मंजूरी मिलने पर यहाँ पर भवन निर्माण के लिए जगह के चयन की प्रक्रिया भी आरम्भ हो गई थी। लेकिन सता परिवर्तन के बाद यह महत्वपूर्ण संस्थान वर्तमान सरकार ने खोलने के वजाए बंद कर दिया।
उनका कहना है कि दोनों क्षेत्र के बच्चों की शिक्षा सुविधा के लिए छोटाभंगाल के महाविद्यालय मुल्थान को किसी भी सूरत में मर्ज नहीं होने देगें चाहे उन्हें किसी भी हद तक क्यों न गुज़रना पड़े। उन्होंने कहाकि इस महाविद्यालय का वर्ष जून 2017 को शुभारम्भ किया गया था तथा शुरूआती समय में मात्र प्राचार्य पद खाली था जबकि अन्य सभी पद भरे ही हुए थे। जिसके चलते लगभग डेढ़ सौ बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे थे।
मगर गत वर्ष से एक के बाद एक प्रोफेसरों के तबादले होने से शिक्षा ग्रहण करने वाले अच्छे घरों के बच्चों ने दूसरे दूरदराज़ महाविधालयों में पलायन कर लिया जबकि मध्यम परिवार के बच्चों को मजबूरन प्रोफेसरों के खाली पद चलने के बावजूद भी इसी महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर है। दोनों क्षेत्र के समस्त अभिभावकों का शिक्षामंत्री रोहित ठाकुर तथा बैजनाथ विधायक किशोरी लाल से आग्रह किया है कि दोनों क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए महाविद्यालय मुल्थान को बंद करने के वजाय सुचारू रूप से चलने दें।
वहीँ इस बारे में छोटा भंगाल व् चौहार घाटी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सीता राम ठाकुर ने का कहना है कि उन्होंने इस बारे में बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल को बैजनाथ में तथा शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर को शिमला में महाविद्यालय को बंद न करने तथा प्रोफेसरों के पदों को भरने के लिए प्रस्ताव पारित किया हैं।
उन्होंने कहा कि इसके साथ महाविद्यालय बंद न करने के लिए बुधवार को सुबह 11 बजे मुल्थान में एसोशिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। उन्होंने सभी सदस्यों से आग्रह किया है इस बैठक में ज्यादा से ज्यादा संख्या में आकर महाविद्यालय को बंद होने से बचाएं क्योंकि इन दोनों दुर्गम क्षेत्र के लिए यह सौगात फिर कभी नहीं मिल पाएगी।











