सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, केलांग
उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना के प्रयासों एवं पहल से जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा जिला में कार्यरत प्रवासी मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिला बाल कल्याण समिति एवं चाइल्ड हेल्प लाइन द्वारा मार्च 2026 से अब तक विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर श्रमिकों के बच्चों की पहचान की गई है जिन्हें प्राथमिक शिक्षा उपलब्ध करवाई जानी है, यह जानकारी जिला बाल संरक्षण इकाई अधिकारी हीरा नंद ने आज यहां दी।
अभियान के दौरान बीआरओ, पीडब्ल्यूडी तथा आईपीएच विभागों में कार्यरत मजदूरों के बच्चों को बाल कल्याण शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम द्वारा उदयपुर से कोकसर तथा दारचा तक का कई बार सर्वेक्षण किया। जांच के दौरान कुल 16 बच्चों की पहचान की गई, जो शिक्षा से वंचित थे ,मामले का संज्ञान लेते हुए उपायुक्त लाहौल-स्पीति किरण भड़ाना ने जिला बाल संरक्षण इकाई, जिला शिक्षा विभाग, बाल कल्याण समिति, चाइल्ड हेल्पलाइन तथा संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।
इसके अतिरिक्त बीआरओ द्वारा कार्यस्थलों पर रह रहे मजदूरों के बच्चों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत स्कूलों में प्रवेश दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। अब तक 11 बच्चों को स्कूलों में दाखिला दिलाया जा चुका है जिनमें 8 बच्चों को प्राथमिक पाठशाला तान्दी में 3 बच्चों को प्राथमिक पाठशाला केलांग तथा शेष 5 बच्चों को आंगनवाड़ी केंद्र तान्दी में दाखिल करवाया गया है।
उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि प्रवासी मजदूरों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।उन्होंने कहा कि जिला में बालश्रम पर सख्ती से निगरानी की जा रही है और यदि ऐसा कोई मामला सामने आता है तो कठोरता से कार्यवाही की जाएगी।









