डॉ मोहित, चिकित्सा अधिकारी ने ज्ञानवर्धक कार्यशाला के आयोजन के लिए संस्था का आभार व्यक्त किया। इसमें 50 आशा कार्यकर्ताओं एवं सीएचओ ने भाग लिया। यह रायसन में आशा कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित दूसरी प्रशिक्षण कार्यशाला थी।
प्रशिक्षण को सहभागी बनाने के लिए केस स्टडी आधारित इंटरैक्टिव गतिविधि भी आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने प्रारंभिक संकेतों की पहचान, रेफरल प्रक्रिया और परिवारों को परामर्श देने पर चर्चा की।

इस अवसर पर सांफिआ की निदेशक डॉ. श्रुति भारद्वाज ने कहा कि संस्था समुदाय स्तर पर बच्चों के विकासात्मक माइलस्टोन की नियमित निगरानी को सशक्त बनाने के लिए कार्य कर रही है, ताकि विकासात्मक विलंब या दिव्यांगता के संकेत वाले बच्चों की समय रहते पहचान कर उन्हें DEIC और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ा जा सके।
कार्यक्रम में बीजू हिमदल ने सांफिआ के दृष्टिकोण, मिशन और सामुदायिक स्वास्थ्य एवं बाल विकास कार्यक्रमों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि संस्था स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर जागरूकता, दिव्यांगता समावेशन और प्रारंभिक हस्तक्षेप सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रही है।
अंत में प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताया और ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता जताई। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण RBSK के उद्देश्यों को सशक्त बनाने और बच्चों में विकासात्मक विलंब एवं दिव्यांगता की समय पर पहचान सुनिश्चित करने में सहायक होंगे। कार्यशाला में स्वास्थ्य शिक्षिका ममता, पावनी वात्स्यायन, अमृतांश पराशर व सनी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।











