कुल्लू की लग घाटी एवं पार्वती नदी में आयातित ब्राउन ट्राउट मत्स्य बीज का किया संचयन

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सुरभि न्यूज़
प्रताप अरनोट, कुल्लू : 05 जुलाई
कुल्लू जिले में ट्राउट मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मत्स्य विभाग, कुल्लू द्वारा दिनांक 04 जुलाई 2026 को पर्सिमन वैली (लग घाटी) की ब्यास नदी की सहायक धाराओं समलेरा, तियून, कलांग,  ग्रामाग-1 तथा कड़िनचा में आयातित ब्राउन ट्राउट मत्स्य बीज का सफलतापूर्वक संचयन किया गया। इसके अतिरिक्त कसौल, मणिकर्ण घाटी के छलोल क्षेत्र में पार्वती नदी में भी आयातित ब्राउन ट्राउट मत्स्य बीज का संचयन किया गया। यह कार्यक्रम माननीय विधायक,  कुल्लू विधानसभा क्षेत्र ठाकुर सुंदर सिंह की विशेष इच्छा एवं मार्गदर्शन के अनुरूप संपन्न किया गया।
इस अवसर पर विधायक ठाकुर सुंदर सिंह ने कहा कि कुल्लू की नदियों एवं जलधाराएँ प्रदेश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर हैं तथा इनका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक जलधाराओं में ब्राउन ट्राउट मत्स्य बीज का संचयन ट्राउट मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे भविष्य में प्राकृतिक जल स्रोतों में ट्राउट मत्स्य की उपलब्धता में वृ‌द्धि होगी तथा जलीय जैव विविधता को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि पर्सिमन वैली (लग घाटी) अपने प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण एवं पर्सिमन (जापानी फल) उत्पादन के कारण एक नई पहचान बना रही है। साथ ही गोरु डुग क्षेत्र को युवाओं एवं साहसिक खेल प्रेमियों के लिए स्की प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र की जलधाराओं में ब्राउन ट्राउट मत्स्य बीज का संचयन न केवल ट्राउट मत्स्य संसाधनों को समृद्ध करेगा, बल्कि एंगलिंग प्रकृति पर्यटन, ईको-टूरिज्म तथा साहसिक पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस पहल से पर्सिमन वैली की पर्यटन संभावनाओं में उल्लेखनीय वृ‌द्धि होगी तथा स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
मत्स्य विभाग ने स्थानीय पंचायतों एवं जनसहयोग के साथ भविष्य में भी ऐसे संरक्षण कार्यक्रम निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया ताकि कुल्लू जिला की प्राकृतिक जलधाराओं में ट्राउट मत्स्य संसाधनों का संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन तथा ईको-पर्यटन को और अधिक सुदृढ किया जा सके।
जय सिंह, उप निदेशक मतस्य, पतलीकुल्ह और वरिष्ठ मत्स्य अधिकारी राजिन्दर पाल ने बताया कि विभाग प्राकृतिक जल स्रोतों में ट्राउट मत्स्य संसाधनों के वैज्ञानिक संरक्षण एवं सतत विकास के लिए नियमित रूप से मत्स्य बीज संचयन कार्यक्रम संचालित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे संरक्षण कार्यक्रमों से न केवल जलीय जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भविष्य में मत्स्य पर्यटन एवं मनोरंजक मत्स्य एंगलिंग को भी प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे जिले के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा होगी। उन्होंने स्थानीय लोगों, मत्स्य प्रेमियों एवं पर्यटकों से अपील की कि वे अवैध मत्स्य एंगलिंग से दूर रहें तथा मत्स्य संरक्षण गतिविधियों में विभाग का सक्रिय सहयोग करें ताकि प्राकृतिक जलधाराओं में ट्राउट मत्स्य संसाधनों का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
मत्स्य विभाग, कुल्लू ने ट्राउट मत्स्य संसाधनों के संरक्षण एवं विकास के प्रति निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन एवं विशेष रुचि के लिए विधायक ठाकुर सुंदर सिंह का हार्दिक आभार व्यक्त किया तथा विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं सतत विकास के लिए ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से lllसंचालित किए जाते रहेंगे।

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