सुरभि न्यूज़
देहरा
भारतीय डाक कर्मचारी संघ, हिमाचल प्रदेश ने भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। आंदोलन का उद्देश्य डाक विभाग को निजीकरण से बचाना, कर्मचारियों एवं ग्रामीण डाक सेवकों पर बढ़ते मानसिक एवं प्रशासनिक दबाव को समाप्त करना, अव्यावहारिक लक्ष्यों के नाम पर हो रहे शोषण को रोकना, विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाना, रिक्त पदों को शीघ्र भरना तथा रेलवे मेल सेवा (RMS) सहित विभाग की विभिन्न समस्याओं का समाधान सुनिश्चित कराना है।
संघ के सर्किल सचिव प्रवीन कुमार सलूरिया ने कहा कि डाक कर्मचारी देश की जनता को निरंतर सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन आज उन पर ऐसे लक्ष्य थोपे जा रहे हैं जो व्यवहारिक नहीं हैं। कई स्थानों पर कर्मचारियों को अपने वेतन से खाते खुलवाकर लक्ष्य पूरे करने तक के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह स्थिति कर्मचारियों के आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति या अधिकारी के विरोध में नहीं है, बल्कि डाक विभाग की गौरवशाली पहचान, कर्मचारियों के सम्मान और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए किया जा रहा है। डाक विभाग गांव-गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने वाली देश की सबसे विश्वसनीय सार्वजनिक सेवा है, जिसे कमजोर करना या निजी हितों के हवाले करना जनहित के विरुद्ध होगा।
भारतीय डाक कर्मचारी महासंघ ने देश के सभी नागरिकों से भी इस संघर्ष का नैतिक समर्थन करने की अपील की है। महासंघ का कहना है कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों के हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सार्वजनिक डाक व्यवस्था को सुरक्षित रखने तथा आम जनता को बेहतर एवं सुलभ सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास है। आंदोलन के दौरान होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए नागरिकों से सहयोग और समर्थन देने का आग्रह किया गया है।
*आंदोलन कार्यक्रम*
*20 से 27 जुलाई: ब्लैक बैज लगाकर कार्य।*
*28 जुलाई: मंडलीय कार्यालयों पर प्रदर्शन।*
*05 अगस्त: एक दिवसीय हड़ताल।*
*18 अगस्त से: अनिश्चितकालीन हड़ताल।*
संघ ने प्रदेश के सभी डाक कर्मचारियों, ग्रामीण डाक सेवकों एवं आम नागरिकों से इस न्यायपूर्ण संघर्ष में सहभागी बनने का आह्वान करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सरकार समय रहते कर्मचारियों की जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर डाक विभाग, कर्मचारियों और जनता—तीनों के हितों की रक्षा करेगी।









