सुरभि न्यूज़
कुल्लू, 17 जुलाई
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व महामंत्री किसान मोर्चा अखिलेश कपूर ने मार्केट इंटरवेंशन स्कीम (एमआईएस) के तहत सी-ग्रेड सेब खरीद पर 30 बोरी की सीमा तय करने के फैसले को हिमाचल के लाखों बागवानों के साथ खुला अन्याय और विश्वासघात बताया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बागवानों की वर्षों की मेहनत और उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है।
अखिलेश कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार चुनाव से पहले किसानों और बागवानों की आय बढ़ाने के बड़े-बड़े वादे करती रही, लेकिन सत्ता में आते ही उनकी उपज पर ही प्रतिबंध लगाने लगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सवाल पूछा कि यदि किसी बागवान के पास 30 बोरी से अधिक सी-ग्रेड सेब होगा तो वह उसे कहां बेचेगा? यदि वह खराब हो गया तो उसके नुकसान की जिम्मेदारी कौन लेगा?
उन्होंने कहा कि प्रदेश का बागवान पहले ही मौसम की मार, बढ़ती लागत, महंगे कीटनाशकों, खाद और दवाइयों की कमी तथा समय पर भुगतान न मिलने जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। ऐसे कठिन समय में राहत देने के बजाय नई शर्तें थोपना सरकार की बागवान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।
कपूर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार केवल विज्ञापनों और झूठे प्रचार में व्यस्त है, जबकि जमीनी स्तर पर बागवानों की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह विफल रही है। सरकार को तुगलकी फैसले लेने के बजाय बागवानों का विश्वास जीतने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सरकार इस जनविरोधी निर्णय को तुरंत वापस ले और एमआईएस के तहत सभी पात्र बागवानों की पूरी उपज की खरीद सुनिश्चित करे। अन्यथा भारतीय जनता पार्टी बागवानों के हितों की रक्षा के लिए सड़क से लेकर सदन तक सशक्त आंदोलन करेगी। हिमाचल के अन्नदाता और बागवानों के अधिकारों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होने दिया जाएगा।











