कुल्लू में चार दिवसीय एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम में 70 साधकों ने लिया भाग

Listen to this article

सुरभि न्यूज़

प्रताप अरनोट, कुल्लू

देवभूमि कुल्लू की शांत वादियां इन दिनों ध्यान, मौन और आत्मचिंतन की साधना से सराबोर रहीं। प्रकृति की गोद में साधकों ने बाहरी दुनिया की भागदौड़ से खुद को दूर कर कुछ पल अपने भीतर झांकने के लिए समर्पित किए।

आर्ट ऑफ लिविंग की ओर से शाराबाई मोनेस्ट्री, भुंतर में आयोजित चार दिवसीय एडवांस मेडिटेशन प्रोग्राम यानी ध्यान एवं मौन शिविर में करीब 70 साधकों ने भाग लिया।

शिविर में बैंगलोर आश्रम से पहुंचे स्वामी गुणातीत ने मुख्य शिक्षक के रूप में साधकों का मार्गदर्शन किया। ध्यान, मौन, साधना और आत्मचिंतन की विभिन्न प्रक्रियाओं के जरिए प्रतिभागियों को रोजमर्रा की व्यस्तताओं से विराम लेकर अपने भीतर की शांति को अनुभव करने का अवसर मिला।

शिविर के दौरान शाड़ाबाई मोनेस्ट्री का वातावरण पूरी तरह ध्यान और साधना में डूबा नजर आया। हिमालय की शांत फिजाओं और आध्यात्मिक माहौल के बीच साधकों ने मौन रहकर अपने मन और विचारों को करीब से महसूस किया।

प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि गहन ध्यान और साधना के दौरान उन्हें आंतरिक शांति, सहजता और नई ऊर्जा का अनुभव हुआ। उनके लिए यह शिविर केवल ध्यान का कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वयं से जुड़ने और जीवन को नई दृष्टि से महसूस करने का अवसर बना।

आर्ट ऑफ लिविंग की डिस्ट्रिक्ट टीचर कोऑर्डिनेटर सोनाली कपूर ने बताया कि इस बार कुल्लू और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में स्थानीय साधकों ने भाग लिया। इसके साथ ही प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से भी प्रतिभागी शिविर में पहुंचे।

उन्होंने कहा कि आज की तनावपूर्ण और व्यस्त जीवनशैली में ऐसे कार्यक्रम लोगों को कुछ समय स्वयं के लिए निकालने, मन को शांत करने और ध्यान एवं आत्मचिंतन के माध्यम से भीतर से जुड़ने का अवसर देते हैं।

चार दिनों तक चले इस साधना शिविर के समापन के साथ साधक अपने साथ शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मचिंतन का अनुभव लेकर लौटे।

आर्ट ऑफ लिविंग संस्था के मिडिया प्रभारी सुशांत शर्मा ने बताया कि देवभूमि कुल्लू में भविष्य में भी इस तरह के ध्यान, मौन और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग ध्यान और साधना के माध्यम से अपने जीवन में शांति, प्रसन्नता और सकारात्मकता का अनुभव कर सकें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *