सुरभि न्यूज़
नरेंद्र भारती, भंगरोटू
कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक रोड रेज की घटनायें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रतिदिन बेलगाम हो रही रोड रेज की घटनायों पऱ समय रहते लगाम लगानी होगी। इन हादसों पऱ मनन करना होगा अन्यथा बहुत देर हो जाएगी।हिमाचल में रोड रेज की ताज़ा घटना से रोंगटे खड़े हो जाते हैं। इन घटनाओं क़े आंकड़े बेहताशा बढ़ते ही जा रहे हैं।
हाल ही मंडी में ओवर टेक क़ो लेकर हुए झगड़े ने दो घरों क़े बेटे चिरनिंद्रा में सो गए। नया साल अमनदीप व गंगा सिंह क़े लिए काल बन गया और दोनों मामूली सी बात क़े लिए एक दूसरे से झगड पड़े और असमय ही दोनों बेमौत मारे गए। बेचारे दोनों ड्राइवरों ने सपने में भी नहीं सोचा होगा की यह साल काल बन जायेगा। दोनों ही काल क़े गाल में समा गए।
काश अमन व गंगा सिंह ने संयम रखा होता तो यह हादसा नहीं होता। सवारियों ने बीच बचाव किया होता तो यह हादसा रुक सकता था लेकिन किसी ने भी ऐसी समझदारी नहीं निभाई की दोनों क़ो समझाते या पुलिस क़ो इतलाह कर देते तो यह हादसा टल सकता था। लेकिन तमाशबीन तमाशा देखते रहें और दो घरों क़े चिराग बुझ गए ।
ओवर टेक क़ो लेकर दो चालकों की आपसी हाथापाई में दोनों व्यास नदी में गिर गए और बेमौत मारे गए। इस हादसे में छोटी सी बात क़े लिए दोनों ने अपनी जान गवाँ दी।
यह घटना कुुुछ दिन पहले रात क़ो करीब 11बजे घटित हुई। चंडीगढ़ मनाली हाईवे पऱ टूरिस्ट से भरी ट्रेवलर क़ो पंजाब के जालंधर की सयूवी ने ओवर टेक करना चाहा। बार बार कोशिश करने पऱ भी ओवर टेक न कर पाने से सयूवी का ड्राइवर गुस्से में आ गया और आगे चलकर ट्रेवलर क़ो रोक लिया।
दोनों ड्राइवर में बहस शुरू हो गई और दोनों Star लड़ते व्यास में गिर गए। एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन किया और अमन की लाश चार दिन बाद और गंगा सिंह की लाश पांचवें दिन ब्यास नदी से मिली।
अमन व गंगा सिंह क़े परिवार वालों क़े सहारे छिन गए। बच्चों क़े सिर से बाप का साया उठ गया और उनकी पत्नियों का सुहाग उजड़ गया और माँ बाप का बुढ़ापा बेसहारा हो गया।
परिवारों पऱ दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और उन्हें इस हादसे से उभरने में कई साल लग जायेंगे। इस हादसे क़े जख्म तो भर जायेंगे पऱ निशान अमिट रहेंगे। नववर्ष पऱ हुआ यह हादसा दोनों परिवारों क़ो ताउम्र याद रहेगा।
केंद्र सरकार व प्रशासन क़ो इस दुःखद हादसे पऱ संज्ञान लेना चाहिए। हाईवे पऱ यातायात बहुत ही ज्यादा बढ़ गया है। लोग ओवर स्पीड में वाहन चला कर ओवर टेक करते हैं। पर्यटक रास्तों से अनजान होते हैं और तेज रफ्तार के कारण हाईवे पऱ प्रतिदिन ऐसे हादसे हो रहे हैं।
अक्सर देखा गया हैं की लोग ड्राइविंग के दौरान नशा करते हैं। यातायात पुलिस क़ो ऐसे चालकों पऱ शिकंजा कसना चाहिए। ऐसे ड्राइवरों क़े लाइसेंस रद्द करने चाहिए। नशे में ड्राइवर अपना विवेक खो बैठते हैं और एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लड़ाई झगड़ा करते हैं।
प्रशासन क़ो चाहिए की नाका लगाकर वाहन चालकों की जांच की जानी चाहिए कि कहीं नशे में तो नही है। वाहनों की तलाशी लेनी चाहिए ताकि आपत्तिजनक अवैध हथियार न हो। हाईवे पऱ हुडदंग मचाने वालों पऱ शख्त कार्रवाई होनी चाहिए ताकि लोग निडर होकर यात्रा कर सकें। प्रेट्रोलिंग की उचित ब्यवस्था हो ताकि हाईवे पऱ हुडदंग मचाने वालों पऱ शिकंजा कसा जा सके। वाहन चालकों क़े लिए जागरूकता शिविर लगाकर उन्हें यातायात क़े नियमों से अवगत करवाना चाहिए। समय समय पर मनोविज्ञान विशेषज्ञयों द्वारा ड्राइवरों की कॉउंसलिंग करवानी चाहिए ताकि तनाव व गुस्से पऱ नियंत्रित किया जा सके। चालाकों क़ो शांति व तनावमुक होकर ड्राइविंग करनी चाहिए। इस घटना से सबक नहीं सीखा तो हाईवे पऱ ऐसी दर्दनाक घटनाएं होती रहेगी।










