सुरभि न्यूज़
कुल्लू /सिस्सू, 07 मई
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने गुरुवार को लाहुल-स्पीति एवं मनाली प्रवास के दौरान विश्व प्रसिद्ध अटल टनल रोहतांग का दौरा कर इसकी तकनीकी विशेषताओं, सामरिक महत्व तथा क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका की सराहना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अटल टनल सीमा सड़क संगठन (BRO) द्वारा निर्मित आधुनिक इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक तकनीक का अद्भुत उदाहरण है, जिसने हिमालयी क्षेत्र में विकास और संपर्क के नए आयाम स्थापित किए हैं।
राज्यपाल ने साउथ पोर्टल से नॉर्थ पोर्टल तक टनल का अवलोकन किया तथा बीआरओ अधिकारियों से इसके निर्माण, सुरक्षा प्रबंधन और संचालन संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने उन्हें वर्षभर यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए अपनाई जा रही व्यवस्थाओं की भी जानकारी दी।
राज्यपाल ने कहा कि यह परियोजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शी सोच का साकार रूप है। उन्होंने कहा कि अटल टनल केवल एक सुरंग नहीं, बल्कि देश की सामरिक मजबूती, सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास और जनसुविधा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि इस सुरंग के निर्माण से जिला लाहुल-स्पीति अब वर्षभर शेष प्रदेश से जुड़ा रहने लगा है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन, स्वास्थ्य, शिक्षा तथा आवश्यक सेवाओं में बड़ी सुविधा प्राप्त हुई है।
राज्यपाल ने कहा कि अटल टनल बनने के बाद क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिली है और देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। इससे स्थानीय रोजगार एवं अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
राज्यपाल ने सिस्सू झील एवं सिस्सू वॉटरफॉल का भी दौरा किया।
उन्होंने लाहुल घाटी की मनोरम प्राकृतिक छटा की सराहना करते हुए कहा कि सिस्सू आज प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी विशेष पहचान बना चुका है। उन्होंने कहा कि अटल टनल बनने के बाद पर्यटकों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन एवं स्थानीय व्यवसायों को व्यापक लाभ हुआ है।
राज्यपाल ने लाहुल के आराध्य देवता राजा घेपन मंदिर में दर्शन कर प्रदेश एवं देशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। लाहुल-स्पीति पहुंचने पर जिला प्रशासन की ओर से उपायुक्त किरण भड़ाना ने अधिकारियों सहित नॉर्थ पोर्टल पर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर राज्यपाल का लाहुल की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के अनुरूप पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सम्मान भी किया गया।
इसके उपरांत राज्यपाल ने हडिम्बा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से भी मुलाकात की तथा प्रदेश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की सराहना की।
राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश देवभूमि के रूप में विश्वभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। यहां देवी-देवताओं के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा और आस्था प्रदेश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं, जिससे प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को नई पहचान मिलती है।
उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और समृद्ध भविष्य की कामना करते हुए कहा कि हिमाचल की धार्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक विविधता देश की अमूल्य धरोहर है, जिसे संरक्षित एवं संवर्धित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर कुल्लू के उपायुक्त अनुराग चन्द्र शर्मा, एसपी कुल्लू मदन लाल सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



















