प्राचीन हस्तशिल्प को बढ़ाबा दे रही ग्रामीण महिलाएं

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सुरभि न्यूज़
सी आर शर्मा, आनी
किसान सभा के नेता पदम प्रभाकर ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की  महिलाओं को अगर समृद्ध .स्वावलम्बी बनाना है   तो गांब स्तर पर बने स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से समृद्ध बनाने की योजना बनाएं  ताकि महिलाएं आत्मनिरभरता की दिशा में आगे बढ़ें। कहा कि  समूह के हाथ में स्वरोजगार से वे आत्मनिर्भर बनेगी।
 ये समूह अपने गांब में बेहतर काम कर रहे हैं । सरकार के कार्यक्रमों को गाँव गाँव तक पहुंचाती हैं।  इस मौके पर पंचायत समिति सदस्या रंजना ठाकुर ने कहा कि जल्द ही समिति की बैठक में इस पर बातचीत होगी कि स्वयं सहायता समूह के स्वाबलम्बन् के लिए इनकी मदद की जायेगी। रविवार को स्वयं सहायता समूह जय देबता सरीहणी लफाली की बैठक लफाली में आयोजित की गई ।  बैठक की अध्यक्षता  समूह की प्रधान  किरण बाला ने की । बैठक में प्राचीन हस्त कला को बढ़ाबा देने के उद्देश्य से रेशे से बनी पुलों की प्रदर्शनी लगाने पर चर्चा हुई।   प्रधान किरण बाला ने कहा कि समूह की महिलाएं  सर्दी के मौसम में घर के कार्य से समय निकालकर पूलें बनाने का काम कर रही हैं । प्रधान ने बताया कि यह  कार्य प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है। उनके बुजूर्गों ने इंन्ही पुलों का जुते के तौर पर इस्तेमाल किया था। आजकल बर्फबारी में इनका ही प्रयोग किया जाता था। लेकिन अफसोस आज के आधुनिक युग में  हमारी ये  प्राचीन संस्कृति और परम्पराएं लुप्त होती जा रही हैं। समुह की महिलाओं ने  फैसला किया कि वे गाँव में  मशरूम का  उत्पादन  भी करना चाहती हैं. लेकिन उचित मार्गदर्शन  व सहयोग के बगैर वे आगे नहीं बढ़ पा रही । बीडीसी सदस्या रंजना देवी ने कहा कि   सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने को लेकर निति बनाएं और कार्य को अमलीजामा पहनाने के लिए  उचित बजट का प्राबधान करे।

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