सुरभि न्यूज़ ब्यूरो
बिलासपुर, 17 फरवरी
हिन्दी के प्रसिद्ध उपन्यासकार, कहानीकार, आलोचक, समीक्षक डॉ. सुशील कुमार फुल्ल द्वारा लिखित नवीनतम पुस्तक “हिमाचल प्रदेश का हिन्दी साहित्य का इतिहास” में हिमाचल के सन् 1675 से लेकर सन् 2023 तक के हिमाचल प्रदेश के अधिकांश रचनाकारों के साहित्यिक अवदान को वैज्ञानिक शैली में प्रस्तुत किया है।
विस्तृत फलक को संजोये हिमाचल के हिन्दी साहित्य के इतिहास पर लिखी शायद यह प्रथम पुस्तक है। हिमाचल प्रदेश के साहित्य जगत में इस पुस्तक की बहुत चर्चा हो रही है। हिमाचल प्रदेश के अन्तर्गत बिलासपुर जनपद के मैहरी काथला गाँव निवासी युवा साहित्यकार एवं हिन्दी प्रवक्ता रवि कुमार के साहित्य रचना कार्य भी इस पुस्तक में स्थान मिला है।
उल्लेखनीय है कि रवि कुमार करीब 25 वर्षों से साहित्य क्षेत्र में सृजनरत हैं। वे कविता, लघुकथा, पुस्तक समीक्षा व आलेख लिखते हैं। हिमाचल प्रदेश की कई साहित्यिक संस्थाओं ने उन्हें सम्मानित भी किया है।
हिमाचल प्रदेश भाषा एवं संस्कृति विभाग के कार्यक्रमों में भी उन्हें आमंत्रित किया जाता है। उनकी रचनाएं इन्दौर समाचार, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, पंजाब केसरी, दैनिक सवेरा, आपका फैसला, दिव्य हिमाचल, अजीत समाचार, उत्तम हिन्दु, अनंत ज्ञान, पुष्पगंधा, शुभतारिका, हिमभारती, हिमखण्ड, सुबह सवेरे, हिमाचल दस्तक, गिरिराज, हिमप्रस्थ, अमर उजाला, हिमाचल केसरी, शब्दमंच, समाज धर्म, दा ग्राम टुडे, हेड न्यूज हिमाचल आदि पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। आजकल वे पुस्तक समीक्षा विधा में ज्यादा सृजनरत हैं। उनके द्वारा की गई पुस्तक समीक्षाएं 83 वर्षों से प्रकाशित लोकप्रिय हिन्दी दैनिक इन्दौर समाचार में भी प्रकाशित हो रही है।










