सुरभि न्यूज़, केलंग : बच्चों के अधिकारों, शिक्षा, किशोर न्याय तथा POCSO अधिनियम से संबंधित विषयों पर एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) एवं जिला प्रशासन लाहुल-स्पीति के सयुंक्त तत्वाधान में किया गया। उपायुक्त लाहुल-स्पीति किरण भड़ाना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर किया।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी डॉ. हीरा नन्द ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी खुशविन्दर ठाकुर ने विशेष संबोधन में बच्चों के अधिकारों से जुड़े अधिनियमों के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में उपायुक्त किरण भड़ाना ने कहा कि बच्चों को इन प्रकार के कार्यक्रमों में शामिल करना आवश्यक है ताकि ये और अधिक सार्थक बन सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों, पुलिस अधिकारियों तथा बाल संरक्षण से जुड़े कर्मचारियों को बच्चों से जुड़े मामलों में आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा करनी चाहिए।
विशेषकर बालिका सुरक्षा, POCSO मामलों, बाल श्रम, शिक्षा की कमी तथा जागरूकता के अभाव जैसे विषयों पर। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चा विशेष है और हमें उसके समग्र विकास के लिए सुरक्षित व सक्षम वातावरण तैयार करना होगा।
वरिष्ठ परामर्शदाता उमेश चंदर शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकारपूर्ण जीवन प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि आयोग ने पिछले छह महीनों में 26,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया है, 2,300 बच्चों को तस्करी से मुक्त कराया गया है और 1,000 बच्चों को उनके गृह जिलों में पुनर्वासित किया गया है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे सुरक्षित महसूस करते हैं, तभी वे अच्छे नागरिक बनते हैं।
परामर्शदाता ऋषभ दुबे ने विद्यालयों में हो रहे बुलिंग एवं साइबर बुलिंग, बाल स्वास्थ्य, पोषण और बाल अधिकारों पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने e-Baal Nidan पोर्टल तथा बाल सहायता हेल्पलाइन 1098 के उपयोग के बारे में भी जानकारी साझा की।
इस अवसर पर बीडीओ डॉ. विवेक गुलेरिया, सीएमओ डॉ. रोशन लाल, शिक्षक, पुलिस कर्मी, विभिन्न पंचायतों के प्रधान, महिला मंडल प्रतिनिधि तथा अन्य स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।














