सुरभि न्यूज़
लड़भडोल/मंडी
प्रदेश में चल रही पटवारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर मंडी जिला भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाए हैं कि प्रदेश सरकार ने हाल ही में पटवारी के 530 पदों के लिए सभी वर्गो के अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे है जिसके लिए आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए 800 रुपए रखा गया है जोकि गरीब और वंचित वर्ग के युवाओं के साथ सीधा अन्याय है।
मंडी जिला भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष खेम चंद संध्याना ने मिडिया को बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए सभी वर्गों हेतु समान आवेदन शुल्क तय करना सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है। पटवारी भर्ती में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को आवेदन शुल्क में किसी भी प्रकार की छूट न देना दुर्भाग्यपूर्ण है।
संध्याना ने कहा कि भारतीय संविधान में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग को समान अवसर प्रदान करने के साथ विशेष संरक्षण की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इसके बावजूद वर्तमान सरकार की ओर से पटवारी भर्ती में सभी वर्गों के लिए समान आवेदन शुल्क निर्धारित करना गरीब और वंचित वर्ग के युवाओं के साथ सीधा अन्याय है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र की अधिकांश सरकारी भर्तियों में इन वर्गों को आवेदन शुल्क में छूट दी जाती रही है, ताकि आर्थिक कमजोरी के कारण कोई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित नं रह जाए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह निर्णय आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन मेधावी युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
अध्यक्ष ने कहा कि यह कदम सामाजिक समरसता और समान अवसर की भावना को कमजोर करता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि पटवारी भर्ती की अधिसूचना में तत्काल संशोधन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र इस भर्ती पर सकारात्मक निर्णय ले ताकि अनुसूचित जाति, जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और युवा वर्ग में फैले भारी आक्रोश पर काबू किया जा सके।










